इटावा स्थानीय संत विवेकानंद सीनियर सेकेंड्री पब्लिक स्कूल में आज दो महत्वपूर्ण अवसरों का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यालय परिसर में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती को समर्पित वसंत पंचमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और गरिमामय वातावरण के साथ संपन्न हुआ। इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना का संचार किया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ संस्थान के निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. आनंद द्वारा किया गया। उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और तत्पश्चात दीप प्रज्वलित कर माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। दीप प्रज्वलन के इस पावन क्षण के साथ ही पूरा वातावरण भक्ति और देशभक्ति के भावों से सराबोर हो गया। प्रधानाचार्य ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्र के प्रति अद्वितीय योगदान को याद किया। उन्होंने नेताजी के त्याग, अदम्य साहस और उनके देशभक्ति से ओतप्रोत जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए छात्रों को उनके पदचिह्नों पर चलने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के दौरान विद्यालय के शिक्षक वक्ताओं ने वसंत पंचमी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक मात्र नहीं है, बल्कि यह ज्ञान और सृजन की नई ऊर्जा का संचार करने वाला अवसर है। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि युवा पीढ़ी को हमारे महापुरुषों के जीवन से स्वाभिमान, त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ देशभक्ति के गहरे भाव सीखने चाहिए, जो आज के समय की महती आवश्यकता है।
अंत में, निदेशक डॉ. आनंद ने अपने संबोधन को विस्तार देते हुए कहा कि विद्यालय में इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रीय चेतना जागृत करना है। उन्होंने माना कि सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक आदर्शों का विकास ही एक छात्र को संपूर्ण नागरिक बनाता है। इस गरिमामयी अवसर पर डॉ. हेरोल्ड, नवेंदु त्रिपाठी, पुष्पेन्द्र सेंगर, मनीष तिवारी, मनोज यादव, गोविंद सिंह, भरत दुबे और अर्चना गुप्ता सहित अनेक शिक्षक और कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।











