तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल:॥”
मंत्रोच्चारण के साथ
आज कर्वाखेड़ा स्थित ज्ञानस्थली विद्यालय में रक्षाबंधन को बड़े ही हर्ष के साथ मनाया गया।विद्यालय के शैक्षिक समय के बाद विद्यालय समिति के अध्यक्ष(चेयरमैन)श्री शिवप्रसाद यादव जी,विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अंशुल तिवारी जी तथा विद्यालय प्रबंधन प्रमुख श्रीशिवमंगल जी ने सभी छात्र-छात्राओं का विद्यालय प्रांगण में रक्षासूत्रों व मिष्टान्न के साथ स्वागत किया। अध्यक्ष श्री यादव जी ने रक्षाबंधन के बारे में व्याख्या करते हुए कहा- हमारा देश रक्षाबंधन के इस पवित्र त्योहार को बड़े धूमधाम के साथ मना रहा है,इस दिन बहनें अपने भाई के दायें हाथ पर राखी बाँधकर उसके माथे पर तिलक करती हैं और उसकी दीर्घ आयु की कामना करती हैं।बदले में भाई उनकी रक्षा का वचन देता है।ऐसा माना जाता है कि राखी के रंगबिरंगे धागे भाई-बहन के प्यार के बन्धन को मज़बूत करते है।भाई बहन एक दूसरे को मिठाई खिलाते हैं और सुख-दुख में साथ रहने का विश्वास दिलाते हैं।यह एक ऐसा पावन पर्व है जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को पूरा आदर और सम्मान देता है।सगे भाई बहन के अतिरिक्त अनेक भावनात्मक रिश्ते भी इस पर्व से बँधे होते हैं जो धर्म,जाति और देश की सीमाओं से परे हैं।रक्षाबन्धन आत्मीयता और स्नेह के बन्धन से रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने का पर्व है।यही कारण है कि इस अवसर पर न केवल बहन भाई को ही अपितु अन्य सम्बन्धों में भी रक्षा (या राखी) बाँधने का प्रचलन है।गुरु शिष्य को रक्षासूत्र बाँधता है तो शिष्य गुरु को।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन के मुख्य सदस्य श्री शिवमंगल सर तथा खेल विभाग प्रमुख वासिफ खान सर तथा वित्त विभाग प्रमुख नीरज त्रिपाठी सर व विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक गण मौजूद थे।











