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August 2, 2026 5:19 am

इटावा। आल इंडिया जमीअत उर राईन के युवा जिलाध्यक्ष व समाजसेवी साजिद अली राईन अशरफी ने कहा कि हर मुमकिन कोशिश करे अपने बच्चों को पढ़ाए जिससे समाज में अपना पिछड़ापन खत्म हो। उन्हांेने राईन समुदाय से सादा निकाह को अपनाने की पुरज़ोर अपील करते हुए कहा कि इस्लाम में निकाह को एक पाक और आसान इबादत करार दिया गया है, न कि दिखावे और फिजूल खर्ची का मैदान।

साजिद अली ने कहा आज हमारे समाज में निकाह को इतना मुश्किल बना दिया गया है कि ग़रीब तबके के लिए यह एक बोझ बन गया है। हमें चाहिए कि हम नबी की सीरत से सबक लें, जिन्होंने अपनी बेटी हज़रत फातिमा का निकाह बेहद सादगी से किया था। सादा निकाह के लाभों पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कहा कि इससे फिजूलखर्ची रुकेगी, ग़रीब परिवारों को राहत मिलेगी, नौजवानों की शादियां आसान होंगी और समाज में बराबरी और भाईचारा बढ़ेगा। उन्होंने राईन समुदाय से अपील की कि वे इस नेक पहल का हिस्सा बनें और इस्लामी उसूलों के मुताबिक निकाह को आसान और सादा बनाकर समाज में एक अच्छा उदाहरण पेश करें।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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