अब्दुल्ला अख़्तर
छिबरामऊ । उत्तर प्रदेश में यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। लोक भवन लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान प्रदेश के पुलिस एवं यातायात विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में यातायात सब इंस्पेक्टर अरशद अली भी शामिल रहे, जिससे उनके लिए यह अवसर विभागीय जिम्मेदारी के साथ-साथ गौरव का विषय रहा।
इंटरसेप्टर वाहनों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन और नियम तोड़ने वाले वाहनों की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण संसाधन माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रवाना किए गए वाहनों में चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं तथा इन्हें आधुनिक तकनीकी उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। इन संसाधनों के जरिए यातायात पुलिस को सड़क पर निगरानी, नियमों के उल्लंघन की पहचान और कार्रवाई में तकनीकी मदद मिलेगी।
अरशद अली की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
कार्यक्रम में यातायात सब इंस्पेक्टर अरशद अली की मौजूदगी ने स्थानीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में यातायात पुलिस की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में प्रदेश स्तर पर आधुनिक संसाधनों के साथ यातायात पुलिस को मजबूत किए जाने की पहल को विभागीय कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अरशद अली का इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके विभागीय दायित्वों के प्रति सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान पुलिस सुधार, आधुनिक तकनीक और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की दिशा पर भी बात रखी। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया।
प्रदेश सरकार की ओर से अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को यातायात एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया गया है। ऐसे वाहनों के संचालन से यातायात नियमों के पालन की निगरानी और सड़क पर प्रभावी प्रवर्तन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Author: Mohammed irfan













