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October 13, 2026 11:35 am

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यूपीआई से पैसा मांगने वाला लिंक हो सकता है बंद,ग्राहकों पर पड़ेगा ये असर

नई दिल्ली।अक्सर देखा जाता है कि दुकानदार,ऑनलाइन कंपनियां या कोई व्यक्ति आपको यूपीआई पर एक लिंक भेजता है।इस लिंक पर क्लिक करके आपको सिर्फ अपना पिन डालना होता है और भुगतान हो जाता है। अब यह सुविधा,जिसे पुल ट्रांजैक्शन कहते हैं,जल्द ही बंद हो सकती है।इसका कारण है,बढ़ती साइबर धोखाधड़ी।भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

 

बता दें कि साइबर ठग इस पुल भुगतान सुविधा का गलत फायदा बड़े पैमाने पर उठा रहे हैं।वे लोगों को ऑनलाइन सेल, रिफंड या किसी अन्य लालच में फंसाकर पैसे मांगने का अनुरोध (लिंक) भेज देते हैं।बहुत से लोग खासकर जिन्हें तकनीक की कम समझ है, यह सोचकर कि उन्हें पैसे मिलने वाले हैं,जल्दबाजी में पिन डाल देते हैं और उनके खाते से पैसे कट जाते हैं।इन धोखाधड़ियों पर रोक लगाने के लिए ही पुल भुगतान को 31 अक्टूबर से बंद करने की तैयारी है।हालांकि अभी यह फैसला अंतिम नहीं है और बैंकों से इस पर चर्चा चल रही है।

 

पुल और पुश में क्या अंतर है

 

पुश पेमेंट यह वह तरीका है,जिसमें आप सक्रिय होते हैं।आप खुद किसी का क्यूआर कोड स्कैन करते हैं या खुद मर्चेंट के यूपीआई आईडी पर पैसा भेजते हैं।यह सुविधा बंद नहीं होगी।पुल पेमेंट में पैसा पाने वाला सक्रिय होता है।वह आपको एक लिंक या पमेंट रिक्वेस्ट भेजता है।आपको बस उस लिंक पर क्लिक करके अपना यूपीआई पिन डालना होता है और पैसा उसके खाते में चला जाता है। इसी पर रोक लग सकती है।

 

ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर

 

अगर पुल भुगतान बंद होती है,तो इसका सबसे बड़ा असर ऑटोमैटिक बिल पेमेंट यानी ऑटो-डेबिट पर पड़ेगा। फिलहाल कई लोग अपना बिजली बिल,मोबाइल रिचार्ज,गैस बिल या सब्सक्रिप्शन (जैसे OTT प्लेटफॉर्म) के भुगतान के लिए ऑटो-डेबिट लगा देते हैं। हर महीने तय तारीख पर पैसा अपने आप कट जाता है।यह सुविधा पुल मैकेनिज्म पर ही काम करती है।अगर पुल बंद होता है,तो ग्राहकों को हर महीने खुद याद करके ये बिल मैन्युअल भरने होंगे। यानी पुश के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करके या मर्चेंट आईडी पर पैसा भेजकर।

 

धोखाधड़ी का आंकड़ा चिंताजनक

 

इस कदम की जरूरत इसलिए भी महसूस की जा रही है,क्योंकि साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली छह महीनों (अप्रैल से सितंबर) में ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंकिंग लोकपाल को कुल 27,000 से भी ज्यादा शिकायतें मिली हैं। इनमें से 70% से अधिक शिकायतें लोन और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी थीं, जिनमें यूपीआई धोखाधड़ी एक बड़ा मुद्दा है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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