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October 30, 2026 8:26 pm

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

कुनैरा नवग्रह अहिंसा तीर्थ में भक्ति के रंग में रंगा भक्तामर विधान, श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ

इटावा। श्री दिगम्बर जैन नवग्रह अहिंसा तीर्थ क्षेत्र, कुनैरा में आयोजित भक्तामर विधान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच सम्पन्न हुआ। क्षुल्लक 105 प्रगुण सागर महाराज एवं क्षुल्लक 105 परमानंद सागर महाराज के सान्निध्य में हुए इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर के जलाभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। इसके उपरांत भक्तामर विधान के अंतर्गत भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों का विधि-विधानपूर्वक पाठ किया गया। प्रत्येक श्लोक के साथ श्रद्धालुओं ने नारियल अर्पित कर मंगल कामना की। पूरे आयोजन के दौरान तीर्थ क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और जयघोषों से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर क्षुल्लक 105 प्रगुण सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि आचार्य मानतुंग रचित भक्तामर स्तोत्र जैन धर्म का अनुपम आध्यात्मिक ग्रंथ है। इसके नियमित पाठ से मन को शांति, विचारों में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और एकाग्रता प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों का अपना-अपना विशिष्ट आध्यात्मिक महत्व है और श्रद्धाभाव से किए गए पाठ से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।

विधान के समापन पर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, समाज में सद्भाव और समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगलकामना की। रविवार को विधान कराने का सौभाग्य अनिल कुमार जैन, बॉबी जैन, ऋषभ जैन सहित अन्य परिवारों को मिला। विधान में विश्व जैन संग़ठन के अध्यक्ष आकाशदीप जैन, सीमा जैन, विशाल जैन, रेशू जैन, अनवी जैन, अनन्त जैन, सोभर कांत जैन, पारुल जैन, आर्जव जैन, आयांश जैन, प्रियंका जैन गौरव जैन, आकांक्षा जैन, मनीषा जैन, स्वेता जैन, अंशुल जैन, शालिनी जैन, रेखा जैन, तन्मय जैन सहित बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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