हरदोई/शाहाबाद खाकी ने पोंछे दिव्यांग के आंसू, एएसपी की संवेदनशीलता बनी मिसाल
हरदोई/शाहाबाद। जनसुनवाई के दौरान मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरक तस्वीर शाहाबाद क्षेत्राधिकार कार्यालय में देखने को मिली, जब एक दिव्यांग फरियादी की पीड़ा को सुनने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी आलोक राज नारायण ने अपने पद की औपचारिकताओं को किनारे रख दिया।
अपनी शिकायत लेकर पहुंचे दिव्यांग व्यक्ति को जैसे ही एएसपी ने देखा, वह तुरंत अपनी कुर्सी से उठकर स्वयं उसके पास पहुंचे। उन्होंने अत्यंत धैर्य, आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ फरियादी की पूरी बात सुनी। इतना ही नहीं, उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश भी दिए।
एएसपी के इस व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और यह दृश्य सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। लोगों का कहना था कि वर्दी की असली गरिमा तभी है, जब उसमें सेवा, सहानुभूति और संवेदनशीलता का भाव समाहित हो।
अपर पुलिस अधीक्षक के इस मानवीय पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। आमजन इसे “संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग” का उत्कृष्ट उदाहरण मान रहे हैं। यह घटना न केवल पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करती है, बल्कि समाज में विश्वास और भरोसे को भी नई दिशा देती है।











