इटावा प्रशासनिक गलियारों में अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली और सरल स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) प्रदीप कुमार इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देना और नियमों का कड़ाई से पालन कराना उनकी कार्यप्रणाली का मुख्य हिस्सा रहा है।
विवादों के बीच अडिग छवि
काफी समय से देखा जा रहा है कि जिले में कहीं धरना हो या प्रदर्शन, प्रदीप कुमार एक कुशल मध्यस्थ और नियमनिष्ठ अधिकारी की भूमिका में नजर आते हैं। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी छवि धूमिल करने के प्रयास भी किए गए, लेकिन उन्होंने इन बातों को पूरी गंभीरता से लेते हुए सहज भाव से जवाब दिया। उनका कहना है, “बातें हैं बातों का क्या… हर किसी को खुश करना ईश्वर का कार्य है, मनुष्य का नहीं।”
पारदर्शिता और संवाद पर जोर
प्रदीप कुमार का स्पष्ट मानना है कि उनका 90% प्रयास जनता के कार्यों को समय पर पूर्ण करने का रहता है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्होंने जनता को आश्वस्त किया है कि यदि कहीं कोई कार्य रुकता है, तो लोग सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं या जिलाधिकारी तथा कानपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं।
अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा
मृदुभाषी होने के साथ-साथ प्रदीप कुमार अनियमितताओं को लेकर बेहद सख्त हैं। वह सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हैं और कानून के दायरे में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतते। क्षेत्र में उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो ‘आरोप-प्रत्यारोप’ की परवाह किए बिना अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर अग्रसर रहते हैं।
कानून के प्रति अटूट निष्ठा और आमजन के प्रति संवेदनशीलता ने प्रदीप कुमार को एक सफल अधिकारी के रूप में स्थापित किया है। उनके नेतृत्व में परिवहन विभाग न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि जनता का विश्वास भी जीत रहा है।











