इटावा मजबूत इरादों और सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, इस बात को सच कर दिखाया है पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल की होनहार छात्रा ईशा राजपूत ने। ईशा ने 12वीं की परीक्षा में 91.6 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल अपने स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि अपने माता-पिता के सालों पुराने सपने को भी हकीकत में बदल दिया है। ईशा के पिता मुकेश राजपूत और माता सीमा राजपूत हमेशा से अपनी बेटी को एक खास लक्ष्य की ओर बढ़ते देखना चाहते थे, और आज ईशा ने अपनी इस शानदार सफलता से उनके उस सपने में पहली बड़ी उड़ान भर दी है। वर्तमान में अपनी आगे की राह चुनते हुए वह नीट (NEET) की तैयारी में जुट गई हैं, ताकि भविष्य में डॉक्टर बनकर देश की सेवा कर सकें।

इस सुनहरे सफर और बड़ी कामयाबी को लेकर जब ईशा से खास बातचीत की गई, तो उन्होंने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया। ईशा का मानना है कि जीवन में कभी भी किसी को खुद से छोटा या नीचा नहीं समझना चाहिए, बल्कि हमेशा अपने सीनियर्स और जूनियर्स दोनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने अपनी पढ़ाई के अनूठे मंत्र को साझा करते हुए कहा कि अगर आप किताबों को अपना सच्चा दोस्त बना लेते हैं, तो सफलता की राह बेहद आसान हो जाती है।
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर ईशा ने बहुत ही समझदारी भरी सीख दी है। उनका कहना है कि आज के समय में मोबाइल से पूरी तरह दूरी बना लेना व्यावहारिक नहीं है और न ही इसकी जरूरत है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम इसका सही तालमेल बिठाएं। छात्र-छात्राओं को मोबाइल का उपयोग केवल अपनी जरूरत और पढ़ाई से जुड़ी मदद के लिए करना चाहिए, न कि इसका दुरुपयोग करके अपना कीमती समय बर्बाद करना चाहिए। ईशा की इस शानदार उपलब्धि पर स्कूल प्रशासन और उनके पूरे परिवार में जश्न का माहौल है, और हर कोई इस होनहार बेटी के उज्जवल भविष्य की कामना कर रहा है।











