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November 3, 2026 6:31 am

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जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

मौत के मुंह से निकाल लाए दरोगा मनोज चौधरी; गिरफ्तारी से बचने को महिला ने रची थी सुसाइड की साजिश

अब्दुल्ला अख़्तर छिबरामऊ

गिरफ्तारी के डर से महिला ने किया आत्मदाह का ड्रामा, पुलिस टीम के साथ की अभद्रता

छिबरामऊ। कोतवाली क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक आपराधिक छवि की महिला ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ‘सुसाइड पॉलिटिक्स’ का सहारा लिया। हालांकि, मौके पर मौजूद कस्बा इंचार्ज मनोज चौधरी और उप-निरीक्षक सूरज किशोर की तत्परता ने महिला की जान बचाते हुए कानून का इकबाल बुलंद किया।

मिली जानकारी के अनुसार, अमन नामक एक युवक ने महिला और उसकी दो पुत्रियों पर बंधक बनाकर मारपीट करने और मोबाइल लूटने का गंभीर आरोप लगाया था। जब दरोगा मनोज चौधरी और उनकी टीम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट की पुष्टि होने के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार करने पहुंची, तो उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया।

दरोगा की सक्रियता से बची जान

पुलिस को दबाव में लेने के लिए महिला ने फांसी लगाने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दरोगा मनोज चौधरी ने बिना वक्त गंवाए दरवाजा तोड़ा और महिला को फंदे से सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस का कहना है कि उनकी प्राथमिकता ‘जान बचाना और कानून व्यवस्था’ को सर्वोपरि रखना था।

बचने के लिए रची गई साजिश

दरोगा मनोज चौधरी ने स्पष्ट किया कि उक्त महिला का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।

• महिला पर पहले से ही 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

• एक वर्ष पूर्व वह कच्ची शराब की तस्करी के आरोप में जेल जा चुकी है।

• इससे पूर्व भी वह तत्कालीन कोतवाली प्रभारी पर झूठे आरोप लगाकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर चुकी है।

पुलिस के साथ की धक्का-मुक्की

बचाए जाने के बाद भी महिला का व्यवहार उग्र बना रहा। उसने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के ‘हाई-वोल्टेज ड्रामे’ पुलिस के मनोबल को गिराने की एक सोची-समझी साजिश है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और सख्त कानूनी रुख अपनाने की तैयारी में है।

कोतवाली प्रभारी कपिल दूबे ने कहा

आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा कानून को ढाल बनाकर किया जाने वाला यह प्रयास पुलिस के मनोबल पर चोट है। दरोगा और उनकी टीम ने विपरीत परिस्थितियों में भी संयम और साहस का परिचय दिया है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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