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April 20, 2026 6:45 pm

शिक्षा और सेवा की मिसाल: वैज्ञानिक सुनीता मिश्रा के कार्यों से सशक्त हो रही ग्रामीण महिलाएं

इटावा की माटी से निकली कृषि वैज्ञानिक सुनीता मिश्रा आज न केवल खेती-किसानी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं, बल्कि अपनी दोहरी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाकर समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं। इटावा के एक विद्यालय से अपनी प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत कर कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करने वाली सुनीता मिश्रा ने अपनी उच्च शिक्षा आगरा के प्रसिद्ध खंदारी परिसर से गृह विज्ञान (B.Sc. Home Science और M.Sc. Home Science) में पूर्ण की। उनकी प्रतिभा और मेहनत का ही परिणाम था कि वर्ष 1992 में उनका चयन चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक के पद पर हुआ। वर्तमान में वह कृषि विज्ञान केंद्र इटावा में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि इससे पूर्व उन्होंने अलीगढ़ और फर्रुखाबाद में भी अपनी सेवाएं देकर कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

​सुनीता मिश्रा का जीवन पेशेवर सफलता और पारिवारिक सामंजस्य का एक अद्भुत उदाहरण है। उनके पति अनूप मिश्रा, जो स्वयं एक प्रतिष्ठित विद्यालय के प्रधानाचार्य हैं, उनके कार्यों में सदैव सहयोगी रहते हैं। दोनों पति-पत्नी अपने व्यस्त सेवा कार्यों के बावजूद परिवार को प्राथमिकता देते हैं और अपने बच्चों को उच्च संस्कारों से ओतप्रोत कर रहे हैं। सुनीता मिश्रा अपनी इस सफलता का एक बड़ा श्रेय अपनी सास आरती मिश्रा को देती हैं, जिन्होंने कभी बहू और बेटी में अंतर नहीं समझा और उन्हें हर मोड़ पर प्रोत्साहित किया।

​वैज्ञानिक कार्यों के साथ-साथ सुनीता मिश्रा का जुड़ाव सामाजिक सरोकारों से भी गहरा रहा है। वह शुरुआत से ही खेती के नए आविष्कारों और तकनीकों को ग्रामीण महिलाओं तथा युवाओं तक पहुँचाने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं। उनकी संवेदनशीलता का प्रमाण तब भी देखने को मिला जब वर्ष 2008 से 2012 तक उन्होंने इटावा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्राओं की वार्डन के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। उनके इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों और समाज के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए इटावा प्रशासन द्वारा उन्हें समय-समय पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

 

आलेख

 

शिवम दुबे/मो इरफान

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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