कूर्मि क्षत्रिय समाज एवं मराठा समाज , इटावा के संयुक्त तत्वाधान में विगत वर्षों की भॉति इस वर्ष भी मराठा समाज ने अपने व्यपारिक प्रतिष्ठानों को बन्द कर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयन्ती मे होम गंज , इटावा से छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को हाथों में लेकर पैदल मार्च करते हुए शोभा यात्रा ढ़ोल नगाड़े तथा जोशीले नारे जय भवानी – जय शिवाजी , हर हर महादेव , नमों पार्वती पतेय – हर हर महादेव के आदि के नारो के साथ तलैया मैदान गूंजा, पुरविया टोला में पहुँच कर स्थापित छत्रपति महाराज की मूर्ति का जल , दूध , दही , शहद आदि पूजन समग्री से अभिषेक कर फूलो की माला तथा नारियल फोड़कर तथा मराठी में थाल सजाकर आरती कर आदम्य साहस रणनीति और स्वाभिमान के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयन्ती पर शत् शत् नमन किया
मराठा समाज के अध्यक्ष प्रकाश जाधव एवं उपाध्यक्ष चन्दू पाटिल ने सयुक्त रूप से बताया छत्रपति शिवाजी महाराज वीर योद्धा ही नही दूरदर्शी , महान शासक थें
कूर्मि क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष -अरुण कुमार एवं धर्मेश कुमार (मौधू) ने बताया कि 17 वीं शताब्दी में हिंदवी स्वाराज्य की स्थापना की थी।
मराठा समाज के संरक्षक – बसंत पाटिल एवं रघुनाथ (काका) ने कहा कि .विदेशी और अत्याचारी शासको से मुक्ति के लिए धर्म व स्वादेश की रक्षा करने का वीणा उठाया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ० हरीशंकर पटेल ने भारत के प्रधानमंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री से अपील की कि छत्रपति महाराज की जयन्ती पर अवकाश की घोषणा तथा सरकार द्वारा जयन्ती को जोर शोर से भी मनायी जाएं ,
पटेल ने अपने छत्रपति शिवाजी के कार्यों की प्रशांस करते हुए बताया कि आपके पराक्रम से सन् 1758 तक मराठा साम्राज्य पंजाव , कश्मीर , उड़ीसा और दक्षिण के क्षेत्रों में फैल चुका था।
नारे लगाने में मुख्य रूप से आदित्य मराठा , कृष्णा , माधव , अभिनव भदौरिया तथा डॉ० हरीशंकर पटेल आदि रहे ।
छत्रपति महाराज की जयन्ती को सफल मनाने में मुख्य रूप से मराठ परिवार इटावा की तरफ से प्रवीन, सचिन , माधव , विशाल , महेश ,कृष्णा ,कि विक्रांत, भरथना से रघुनाथ पाटिल , मनोहर , सुधीर , राजू , लखना से सभांजी , मानिकराव , पोपट , विजय , सूरज , जसवन्तनगर से – उमेश गायकवाड़ , मधुकर , बसरेहर से – नितिनआदि
कूर्मी क्षत्रिय समाज से देशराज वर्मा , वृजभूषण , अरविन्द् (लालन) राजकुमार , ओमनाथ , श्रीपत , शिवम् , रामविलास , अनंत सिंह , संजय (सोधू) कविराज , ऋषिराज , अजय , मनोज , जिन्तेन्द्र , सन्दीप आदि सैकड़ों शिव भक्त उपस्थित रहे











