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November 4, 2026 5:30 am

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जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

छिबरामऊ में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की ऐतिहासिक हुंकार; भाजपा सरकार और बसपा पर जमकर बरसे

रिपोर्ट अब्दुल्ला अख्तर/ छिबरामऊ, कन्नौज:उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी धमक बढ़ा रहे नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ‘एडवोकेट’ आज कन्नौज के छिबरामऊ पहुंचे। शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर कपूरपुर के मैदान में आयोजित जनसभा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंच पर चढ़ते ही जब चंद्रशेखर आजाद ने हजारों की भीड़ और कार्यकर्ताओं का जोशीला स्वागत देखा, तो वे गदगद हो गए और उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जनसभा छिबरामऊ के राजनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

अपने संबोधन की शुरुआत में ही चंद्रशेखर आजाद ने कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाई। उन्होंने खुलासा किया कि यह जनसभा छिबरामऊ विधानसभा के कसावा गांव में आयोजित होनी थी, लेकिन प्रशासन ने जानबूझकर इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा, “प्रशासन ने अड़ंगा लगाया ताकि यह जनसभा न हो सके, लेकिन मेरे कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और कपूरपुर में इस कार्यक्रम को सफल बनाकर इतिहास रच दिया।” उन्होंने कार्यकर्ताओं का तहे दिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी ऐसी भीड़ जुटाना आजाद समाज पार्टी की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

बसपा और मायावती पर तीखा प्रहार

चंद्रशेखर आजाद ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती का नाम लिए बिना उन पर बड़ा तंज कसा। उन्होंने बहुजन समाज को आगाह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है यह समझने का कि आपके साथ असल में कौन खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “साहब कांशीराम के नाम पर लूट का काम किया गया है”, जबकि कांशीराम साहब ने दलितों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि दलितों को जो भी सम्मान और हक मिला है, वह केवल डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की बदौलत है।

आरक्षण और नौकरियों में धांधली का आरोप

भाजपा सरकार को घेरते हुए सांसद ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पिछड़ों और दलितों का आरक्षण दीमक की तरह खत्म कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि यूपी में कई जगहों पर पिछड़ों और दलितों की आरक्षित सीटों पर सामान्य जाति के लोगों को नौकरियां दे दी गई हैं।

चंद्रशेखर ने यहाँ तक कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आरक्षण में भी कटौती की गई है, जो इस समाज के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

“वोट की कीमत समझो”: मिशन 2027 का आह्वान

चंद्रशेखर आजाद ने लोकतंत्र में वोट की अहमियत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “वोट की कीमत को पहचानिए। जब तक आपके पास वोट की ताकत है, तभी तक नेता आपके दरवाजे पर माथा टेकने आएंगे। जिस दिन वोट नहीं होगा, कोई आपकी सुध नहीं लेगा।” उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर लोगों के वोट बनवाएं ताकि 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव में आजाद समाज पार्टी एक नया इतिहास लिख सके और भाजपा का सफाया कर सके।

उत्तराखंड में दुकानों के नाम बदलने के विवाद और बजरंग दल की सक्रियता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने एक युवक का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एक भाई ‘दीपक’ ने ऐसा साहस दिखाया कि विरोधियों के पसीने छुड़ा दिए और आज वह पूरे हिंदुस्तान में ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से भाईचारे की मिसाल बन चुका है। उन्होंने सरकार पर ‘हिंदू-मुस्लिम’ और ‘मंदिर-मस्जिद’ की राजनीति कर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया और ‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारे को पूरी तरह झूठ करार दिया।

*UGC और अन्य मुद्दों पर घेराव*

सांसद ने यूजीसी (UGC) से जुड़े नए कानूनों और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब ऐसे कानून लाए जाते हैं, तो खुद भाजपा के विधायक और सांसद अपने कार्यकर्ताओं से विरोध करवाते हैं, जबकि इन कानूनों को सही तरीके से लागू होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या दलित, अल्पसंख्यक और ओबीसी समाज सिर्फ भाजपा को वोट देने के लिए रह गया है?

हजारों की भीड़ और संवेदनशील राजनीतिक बयानों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कार्यक्रम स्थल पर अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, क्षेत्राधिकारी (CO) सुरेश कुमार तिवारी और निरीक्षक विष्णुकांत तिवारी स्वयं मोर्चा संभाले हुए थे। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल के साथ PAC की एक बटालियन भी तैनात रही।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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