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November 3, 2026 6:34 am

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जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

गजब:कागज मांगते ही नौकरी छोड़कर भागे 160 कर्मचारी, ऐक्शन में लखनऊ महापौर 

लखनऊ।सूबे की राजधानी लखनऊ में नागरिकता को प्रमाणित करने वाले कागज मांगते ही 160 सफाई कर्मचारी नौकरी छोड़कर भाग गए हैं।लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल गुरुवार को ऐक्शन में उतरीं।महापौर ने लखनऊ में अवैध ढंग से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया।अधिकारियों को तत्काल जांच करने और उचित कदम उठाने का निर्देश दिया। 

 

लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल ने दावा किया है कि उनके द्वारा चलाए गए ऑपरेशन के दौरान 160 कर्मचारी भाग गए।शक है कि वे सब रोहिंग्या,बांग्लादेशी थे।जैसे ही जांच शुरू हुई ये भाग गए।हम आधार चेक कर रहे हैं। ये खुद को असम का बताते हैं तो हम एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) भी चेक कर रहे हैं।बता दें कि ये सभी कर्मचारी कूड़ा प्रबंधन का काम कर रही कंपनी से जुड़े थे। कंपनी ने जब उनसे अभिलेख मांगे तो वे भाग गए।

 

महापौर सुषमा खर्कवाल ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि इनसे कागज मांगे गए थे,लेकिन दिखाने से पहले ही जिस दिन इन्हें बुलाया गया था,ये भाग निकले।महापौर ने आशंका जताई कि ये संदिग्ध दिन में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करते हैं और रात में वारदात करते हैं।महापौर ने कहा कि पिछले साल नवंबर-दिसंबर में एक वारदात हुई थी,जिसमें छह लोग पकड़े गए थे,वे सभी रोहिंग्या थे।

 

बुधवार को घुसपैठियों के खिलाफ यूपी में अभियान चलाने और हर मंडल में एक डिटेंशन सेंटर बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल गुरुवार को ऐक्शन मोड में नजर आईं।महापौर ने लखनऊ में अवैध ढंग से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। अधिकारियों को तत्काल जांच करने और उचित कदम उठाने का निर्देश दिया। महापौर ने आम लोगों से भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की है।

 

बता दें कि राजधानी लखनऊ में अवैध झुग्गी बस्तियों में लोगों की नागरिकता की जांच की जा रही है।महापौर ने गुडंबा थाने के पास खुद भी मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की है। शक है कि लखनऊ में बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी रह रहे हैं। जांच अभियान शुरू होने के बाद वे इधर-उधर भाग गए हैं।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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