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November 4, 2026 8:11 am

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जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

बिहार का बदला झारखंड में:राजद से नाराज झामुमो,सीएम सोरेन ले सकते हैं कोई बड़ा फैसला

रांची।बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के बीच की खींचतान ने अब झारखंड की सियासत में भी हलचल मचा दी है।झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह झारखंड में गठबंधन की गंभीरता से समीक्षा करेगा।झामुमो अध्यक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिहार चुनाव के बाद गठबंधन की समीक्षा कर आगे का निर्णय लेंगे।सूत्रों के मुताबिक हेमंत को राजद का राजनीतिक आचरण नागवार गुजरा है। हेमंत सोरेन पार्टी और कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए नई रणनीति बना सकते हैं।

 

झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मंगलवार को कहा कि महागठबंधन के प्रमुख घटक दलों ने झामुमो को आखिरी समय तक गुमराह किया।बिहार में सम्मानजनक भागीदारी नहीं मिली। पांडेय ने कहा कि झामुमो बिहार की छह सीटों पर लड़ने का ऐलान कर चुका था,गठबंधन धर्म निभाते हुए पार्टी ने उम्मीदवार नहीं उतारने का निर्णय लिया। बिहार में झामुमो को दरकिनार किया गया,जबकि झारखंड में हमने हमेशा सहयोगियों को पूरा सम्मान दिया।राजद और कांग्रेस का जो सियासी आचरण बिहार में दिखा,वह गठबंधन के लिए चिंता का विषय है। हेमंत सोरेन झारखंड में गठबंधन की समीक्षा करके निर्णय लेंगे।

 

विनोद कुमार पांडेय ने याद दिलाते हुए कहा कि 2019 में झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन में झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान राजद को सात सीटें दी गई थीं।राजद केवल एक सीट जीता फिर भी हेमंत सोरेन ने गठबंधन धर्म निभाते हुए राजद कोटे से सत्यानंद भोक्ता को पूरे पांच साल मंत्री बनाए रखा और उचित सम्मान दिया गया। पांडेय ने कहा कि 2024 में भी झामुमो ने राजद के प्रति यही रुख अपनाया। चार सीटों देवघर, गोड्डा, विश्रामपुर और हुसैनाबाद में जीतने के बावजूद राजद के एक विधायक संजय प्रसाद यादव को मंत्री बनाया गया।

 

आगे की रणनीति होगी तय

 

सियासी पंडितों का मानना है कि झामुमो के इस रुख से झारखंड में गठबंधन की सियासत पर दूरगामी असर दिख सकते हैं।यदि झामुमो बिहार चुनाव में तटस्थ रहता है तो महागठबंधन को नुकसान उठाना पड़ सकता है। झामुमो प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि पार्टी अब भी विपक्षी एकता की पक्षधर है,पर बिहार का अनुभव बताता है कि गठबंधन की कार्यप्रणाली की समीक्षा जरूरी है। बहरहाल झामुमो के इस बयान ने झारखंड की राजनीति में नई सुगबुगाहट पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि हेमंत सोरेन बिहार प्रकरण पर गहराई से विचार के बाद गठबंधन पर रणनीति तय करेंगे।

 

प्रतिकार होगा: सुदिव्य

 

मंत्री व झामुमो नेता सुदिव्य कुमार ने गिरिडीह में कहा कि यदि झामुमो को सीट नहीं देना था,तो पहले ही स्पष्ट कर देना चाहिए था,हमें जानबूझकर गुमराह किया गया।बिहार में झारखंडी हितों के साथ विश्वासघात हुआ है,हम इसे भूलेंगे नहीं।साफ कर देना चाहते हैं कि झामुमो आदिवासियों की मजबूत आवाज है। इसे दबाने की कोशिश की गई है, जिसका प्रतिकार होगा।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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