अधिवक्ताओं की भूमिका न्यायपालिका की रीढ़ ,इटावा में अधिवक्ता परिषद का गरिमामय सम्मेलन, भ्रष्टाचार पर जमकर बोले वक्ता
न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर मौन तोड़ने वाला अधिवक्ता समाज ही देश का विवेक है
– प्रशांत सिंह अटल, स्थाई अधिवक्ता, उत्तर प्रदेश शासन
इटावा, 28 मार्च 2025 भारतीय लोकतंत्र में न्याय के शासन और अधिवक्ताओं की भूमिका पर आज *अधिवक्ता परिषद इटावा इकाई* द्वारा एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। सिंचाई विभाग डाक बंगला में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
मुख्य आकर्षण
– मुख्य अतिथि प्रशांत सिंह अटल (स्थाई अधिवक्ता, उत्तर प्रदेश शासन एवं पूर्व अध्यक्ष, बार काउंसिल लखनऊ) ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला।
– मुख्य वक्ता यशवीर सिंह (विभाग प्रचारक, आरएसएस) ने कानूनी पेशे की नैतिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
– विशिष्ट अतिथियों राजकुमार गुप्ता एवं संजय कुमार दुबे ने अधिवक्ताओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा की।
-अध्यक्षता घनश्याम किशोर बाजपेई ने की, जबकि संचालन शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला ने किया।
प्रशांत सिंह अटल का ऐतिहासिक भाषण
अधिवक्ता समाज ने हमेशा न्याय के लिए संघर्ष किया है, चाहे वह शासन की नाइंसाफी हो या पुलिस की मनमानी। आज जब एक जज के यहां नोटों के बंडल मिले और राजनीतिक दलों ने मौन साध लिया, तो अधिवक्ताओं ने ही इस भ्रष्टाचार को उजागर किया। हम वही समाज हैं जो गलत को गलत और सही को सही कहने का साहस रखते हैं।
सम्मान एवं संस्कार
– नवागत अधिवक्ताओं को बैंड बांधकर सम्मानित किया गया।
– सभी अतिथियों का माल्यार्पण, शाल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान व्यक्त किया गया।
– कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।
– समापन पर राष्ट्रगान एवं भारत माता की जय के उद्घोष के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की गई।
अधिवक्ताओं का संकल्प
इस कार्यक्रम के माध्यम से इटावा के अधिवक्ताओं ने यह संकल्प लिया कि वे न्यायपालिका की स्वच्छता, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सतत प्रयासरत रहेंगे।
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