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April 21, 2026 6:13 am

मौला अली वो शख्सियत थे जिन्हें अल्लाह या रसूल ने पहचाना – मौलाना ज़ैदी — मौला अली की शहादत पर आयोजित मजलिस में ताबूत बरामद हुआ

इटावा। मौलाए कायनात हज़रत अली अलैहे सलाम की शबे शहादत पर राहत हुसैन रिज़वी की ओर से घटिया अज़मत अली स्थित अली मेहदी के मकान पर मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें मौला अली के ताबूत की ज़ियारत बरामद हुई।

मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा कि मौला अली की जिंदगी की शुरुआत मक्का में अल्लाह के घर काबा में पैदाईश से हुई और कूफे की जामा मस्जिद में नमाज़ अदा करते में अब्दुर्रहमान खारजी द्वारा ज़हर बुझी तलवार के हमला करके ज़ख्मी किया गया और 21 रमजान को मौला अली शहीद हो गए। मौला अली हक हैं और हक अली के पीछे रहेगा। रसूल अल्लाह ने फरमाया अली का चेहरा देखना और जिक्र करना इबादत है। मौला अली कहते है याद रखो तुम वो हो जो मौत से छुटकारा नही पा सकते। तक़वा हासिल करो। नबियों के मिशन को बचाने की जिम्मेदारी एहलेबैत ने निभाई। मौला अली वो शख्सियत थे जिन्हें अल्लाह या रसूल ने पहचाना। मौला अली को 19 रमजान को मस्जिद ए कूफ़ा में नमाज पढ़ते समय दुश्मन ने जहर से बुझी तलवार से हमला करके घायल कर दिया। मौला अली की 21 रमजान को शहादत हो गई। किसी की हैसियत नहीं थी कि वो मौला अली पर हमला कर सकता इसीलिए दुश्मन ने नमाज का सहारा लेकर मौला अली पर हमला किया। मजलिस के दौरान मौला अली के ताबूत की ज़ियारत बरामद हुई, अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई, राहत अक़ील, समर अब्बास, शावेज़ नक़वी, अली, लारेब ताबूत को अली मेहदी के मकान से मातमी नोहा ख्वानी के साथ इमामबारगाह अज़मत अली ले गए जहां महिलाओं ने भी ताबूत की ज़ियारत की। मजलिस में ताबिश रिज़वी ने तिलावत और तसलीम रज़ा, ज़हूर नक़वी ने सोजख्वानी की। अली मेहदी, आबिद रज़ा, सलमान रिज़वी ने कलाम पेश किए। राहिल सग़ीर, तनवीर हसन ने नोहा ख्वानी की। मजलिस में बड़ी संख्या में मौलाए कायनात के चाहने और उनसे मोहब्बत करने वालों ने भाग लिया।

 

फोटो- मजलिस में तक़रीर करते मौलाना अनवारुल हसन जैदी, ताबूत उठाते लोग।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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