Explore

Search

November 3, 2026 1:29 am

लेटेस्ट न्यूज़

जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

रूस में मुसलमानों के लिए चार शादियों का फतवा वापस, मौलाना बोले- अल्लाह की यही इच्छा है

रूस में मुसलमानों के लिए चार शादियों का फतवा वापस, मौलाना बोले- अल्लाह की यही इच्छ है रूस में मुस्लिम पुरुषों के लिए चार शादियों की अनुमति देने वाला फतवा, विवाद और आलोचनाओं के बाद वापस ले लिया गया है। इस फैसले के बाद रूस के मुस्लिम समुदाय और स्थानीय समाज में तनाव बढ़ गया था, क्योंकि यह निर्णय इस्लामिक कानून और रूस के धर्मनिरपेक्ष कानून के बीच टकराव को उजागर कर रहा था।यह मामला तब सामने आया जब रूस में इस्लामिक धर्मगुरुओं ने मुस्लिम पुरुषों के लिए एक साथ चार शादियों की अनुमति देने का फतवा जारी किया था। फतवा में कहा गया था कि इस्लामिक कानून के तहत, पुरुषों को चार शादियाँ करने का अधिकार है, बशर्ते कि वे सभी पत्नियों के साथ समान व्यवहार करें और उनके अधिकारों का सम्मान करें।

 

हालांकि, रूस में यह फतवा विवाद का कारण बन गया, क्योंकि यह देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान के खिलाफ था, जो किसी भी धार्मिक समूह को एक से अधिक विवाह की अनुमति नहीं देता। रूस के अधिकारियों और मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की, यह आरोप लगाते हुए कि यह निर्णय महिलाओं के अधिकारों और समानता के खिलाफ है। समाज में बढ़ते विरोध के बाद, इस्लामिक मौलवियों ने फतवे को वापस ले लिया। मौलाना ने कहा, यह निर्णय हमने केवल अल्लाह की इच्छा के अनुसार लिया था, लेकिन अब हम इसे वापस ले रहे हैं क्योंकि समाज में इस फैसले को लेकर गलतफहमियाँ और विरोध उत्पन्न हो रहे हैं।

 

यह घटना रूस में धार्मिक और सांस्कृतिक मतभेदों को और गहरा कर गई है, जहाँ इस्लामिक समुदाय की बढ़ती संख्या और देश के धर्मनिरपेक्ष कानून के बीच सामंजस्य की जरूरत महसूस की जा रही है। रूस में इस्लामिक समुदाय के धार्मिक नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इस्लामिक शिक्षाओं को समझने और उनका पालन करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन वे अब यह चाहते हैं कि ऐसे मामलों में समाज और कानून के मानकों का भी सम्मान किया जाए।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

Live Tv
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर