इटावा, 1 जुलाई (विशेष संवाददाता) — आज की तारीख दोहरी महत्ता लिए हुए है। एक तरफ राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे पर मरीजों को नया जीवन देने वाले चिकित्सकों का अभिनंदन होता है, तो वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस पर देश की अर्थव्यवस्था को सुव्यवस्थित करने वाले CA की कर्तव्यनिष्ठा को सराहा जाता है। इसी द्वंद्व को एक सूत्र में पिरोते हुए अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने इटावा में एक ऐतिहासिक सम्मान समारोह का आयोजन किया, जहाँ सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया ने इन दोनों ही विशिष्ट वर्गों को शील्ड, पुष्पगुच्छ और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की रौनक
स्थानीय सभागार में आयोजित इस समारोह में चिकित्सकों और वित्तीय विशेषज्ञों की कतारें सजी थीं। मंच पर पहुँचते ही विधायक ने सबसे पहले कोरोना काल में जान बचाने वाले डॉक्टरों को नम आँखों से याद किया, तो वहीं CA के उस संघर्ष को भी रेखांकित किया, जब लॉकडाउन में भी उन्होंने कर रिटर्न और आर्थिक सहारे की राह बनाए रखी।
विधायक के अमृत वचन
श्रीमती भदौरिया ने कहा,
“हर साल 1 जुलाई हमें दो उद्देश्यों से जोड़ता है – एक ओर डॉक्टर बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा करते हैं, तो दूसरी ओर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश के वित्तीय तंत्र को पारदर्शी और मजबूत बनाते हैं। जहाँ डॉक्टर बीमारियों का इलाज करते हैं, वहीं CA आर्थिक बीमारियों को दूर करते हैं। ये दोनों ही समाज की रीढ़ हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों पेशों को एक साथ सम्मानित करना परिषद की दूरदर्शिता को दर्शाता है, क्योंकि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ अर्थव्यवस्था के बिना कोई भी राष्ट्र उन्नति नहीं कर सकता।
सम्मानित चेहरों की झलक
इस दौरान जिले के 25 से अधिक वरिष्ठ चिकित्सकों और 15 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रत्येक प्राप्तकर्ता ने अपनी उपलब्धियाँ साझा कीं और इस पहल की सराहना की। परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले वर्षों में भी इस तरह के संयुक्त समारोह आयोजित किए जाएँगे, ताकि समाज के ये दोनों ‘संरक्षक’ प्रेरित रहें।
समापन की प्रेरणा
कार्यक्रम के अंत में विधायक ने सभी से अपील की कि वे न केवल इन पेशेवरों का सम्मान करें, बल्कि उनके सुझावों और अनुभवों से भी सीखें। उन्होंने कहा, “जब डॉक्टर और CA हाथ मिला लें, तो न कोई बीमारी डरा सकती है, न कोई आर्थिक संकट।” इस अवसर पर बड़ी संख्या में नगरवासी, व्यापारी और बुद्धिजीवी मौजूद रहे।
यह सम्मान केवल उपाधि नहीं, बल्कि करोड़ों आशाओं का प्रतीक है – यही संदेश लेकर यह भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।











