इटावा, 25 मई 2026 – जिलाधिकारी इटावा शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने केंद्रीय कारागार इटावा का संयुक्त रूप से गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर दौड़ाई।
· 🛡️ सुरक्षा व्यवस्था – जेल की चहारदीवारी, गार्ड पोस्ट, प्रवेश द्वार और तलाशी प्रक्रिया की सख्ती से जाँच की गई।
· 📹 तकनीकी निगरानी – सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली एवं रिकॉर्डिंग का परीक्षण किया गया।
· 🛌 बैरक एवं रहन-सहन – बंदियों के बैरकों की साफ-सफाई, वेंटिलेशन और भीड़भाड़ की स्थिति का जायजा लिया गया।
· 🍛 भोजन एवं पोषण – रसोई घर का निरीक्षण, भोजन की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली की समीक्षा हुई।
· 🏥 चिकित्सा सुविधाएँ – जेल के अस्पताल, दवाओं की उपलब्धता एवं डॉक्टरों की ड्यूटी की जाँच की गई।
· 📚 पुनर्वास कार्यक्रम – बंदियों के कौशल विकास, शिक्षा एवं मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों का भी मूल्यांकन किया गया।
जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने निर्देश दिए कि बंदियों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ बेहतर सुविधाएँ दी जाएँ, साफ-सफाई में कोई कोताही न हो।
एसएसपी श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने सुरक्षा मानकों को और सख्त करने, सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक, उपजेलर, पुलिस विभाग के अधिकारी, जेल प्रशासन के कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। साथ ही, जेल कर्मचारियों और बंदियों ने भी अधिकारियों से सीधे संवाद किया।
इस निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने जेल प्रबंधन को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनके अनुपालन पर जल्द ही रिपोर्ट तलब की गई है। प्रशासन की यह पहल केंद्रीय कारागार इटावा को एक मॉडल जेल बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
यह निरीक्षण जेल व्यवस्था में सुधार एवं बंदियों के कल्याण के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।











