इटावा दिगंबर जैन विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुदर्शन जैन प्रदेश महामंत्री धर्मेंद्र जैन इटावा जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया
प्रदेश महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने कहा
विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति एवं आर्यिका श्रुतमति माता जी एवम् उप सन्मति माताजी सड़क दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच की माँग की २० मई २०२६ को मध्य प्रदेश के रीवा जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट भवन के सामने राष्ट्र संत आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री १०५ श्रुतमति एवं आर्यिका श्री १०५ उपशममति माताजी (विहाररत) के साथ हुई अत्यन्त दुखद घटना जिसमें दोनों जैन साध्वियों की गाड़ी से टक्कर मारदी जिससे आर्यिकाओं का असामयि निधन हो गया।
यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना भर नहीं मानी जा सकती। उपलब्ध तथ्यों एवं वीडियो क्लिपों के आधार पर समाज में गहरी आशंका एवं चिंता का वातावरण निर्मित हुआ है। अतः इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जाँच अत्यन्त आवश्यक है।
जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते तथा समाज में शांति, संयम और अहिंसा का संदेश प्रसारित करते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएँ एवं हमले सम्पूर्ण समाज के लिए अत्यन्त चिंताजनक विषय हैं।
इटावा जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार ने कहा
घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच
इस प्रकरण की SIT अथवा न्यायिक जाँच कराई जाए।
घटना से संबंधित सभी CCTV, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएँ।
दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए।
श्री दिगंबर जैन विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुदर्शन जैन ने कहा
यदि सुनियोजित कृत्य अथवा षड्यंत्र के तथ्य मिलें, तो तदनुसार कठोर धाराएँ लगाई जाएँ।
महावीर जैन ने मांग की “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू किया जाए
विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा हेतु:
• विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय,
• संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग,
• ट्रैफिक नियंत्रण,
• चेतावनी संकेतक,
• हाईवे एवं भीड़भाड़ क्षेत्रों में विशेष सावधानी
सुनिश्चित की जाए
3. “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाई जाए
भारत सरकार द्वारा:
• पैदल विहार करने वाले संतों हेतु राष्ट्रीय guideline,
• सुरक्षा SOP,
• तथा संवेदनशील मार्गों हेतु विशेष प्रावधान
निर्मित किए जाएँ।
4. संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाये
जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा, कानून और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना एवं तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है
ज्ञापन में प्रमुख रूप से चक्रेश जैन महावीर जैन सुबोध जैन जयप्रकाश जैन विकास जैन नवनीत जैन अजीत कुमार जैन विजय कुमार जैन रॉबिन जैन मोनू जैन लाल जैन शीतल प्रसाद जैन अभिषेक जैन वैभव जैन अनुज जैन शैलेंद्र जैन अनिल जैन विनीत जैन आदि लोग शामिल रहे











