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October 31, 2026 9:57 pm

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

भक्ति का सैलाब: भव्य पालकी यात्रा में नगर भ्रमण पर निकले भगवान कालभैरव

इटावा की सड़कों पर सोमवार की देर रात एक अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब ‘एक कदम संस्कृति की ओर’ के संकल्प के साथ भगवान कालभैरव की पंचम भव्य पालकी यात्रा धूमधाम से निकाली गई। सुमेर सिंह किला स्थित हनुमान गढ़ी की प्राचीन महाविद्या काली गुफा से शुरू हुई इस यात्रा में आस्था और उत्साह का अनूठा संगम नजर आया। बैंड-बाजों की गूँज और भक्ति गीतों की धुन पर थिरकते युवाओं के जोश ने पूरी फिजा को शिवमय कर दिया। सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं को जीवंत करती यह यात्रा जब शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी, तो श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर पालकी का भव्य स्वागत किया।

​हनुमान गढ़ी के महंत वीराचारी साधक भैरवानंद गिरी सागर महाराज ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिस प्रकार उज्जैन और काशी में भगवान कालभैरव अपने भक्तों का हाल जानने के लिए भ्रमण पर निकलते हैं, उसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इटावा में भी इस यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा से पूर्व दोपहर में ब्रह्मलीन स्वामी आनंदेश्वर गिरी लाल बाबा की पुण्यतिथि के अवसर पर विशेष पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। काली गुफा में माता महाकाली और भगवान कालभैरव का विशेष श्रृंगार किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा।

​यात्रा का समापन देर रात मोक्षधाम पर हुआ, जहाँ आयोजित विशेष हवन-पूजन ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर भक्तों द्वारा किए गए दीपदान से पूरा मोक्षधाम परिसर जगमगा उठा, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक बना। इस पावन आयोजन में विभिन्न अखाड़ों के पूज्य संत, स्थानीय गणमान्य नागरिक और दूर-दराज से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भक्ति और संस्कृति का यह संगम न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन था, बल्कि शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक प्रभावी प्रयास भी साबित हुआ।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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