इटावा। शिया समुदाय की घटिया अज़मत अली स्थित जामा मस्जिद पंजतनी में मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने अलविदा जुमे की नमाज अदा कराई। साथ ही क़ुद्स दिवस पर पहले क़िबले बैतुल मुकद्दस की आजादी के लिए दुआ हुई।
अलविदा जुमे की नमाज के खुतबे में मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा कि फिलिस्तीन हुकूमत ने यहूदियों को पनाह दी। उसी इजराइल ने पहले क़िबले बैतुल मुकद्दस पर 1948 में कब्जा कर लिया। मुसलमान अगर वहां नमाज पढ़ने जाते हैं तो उनके ऊपर बर्बरता पूर्वक जुल्म किये जाते हैं। अल्लाह से दुआ है कि फिलिस्तीन के पीड़ितों के साथ इंसाफ करे और जालिमों को नेस्तनाबूद कर दे। पहले किलबे बैतुल मुकद्दस को जालिमों के कब्जे से आजाद हो जाये। हिंदुस्तान में रहने वालों को मुल्क का बफादारी करने की तौफीक दे। मुल्क में अमनचैन कायम रहे। शिया समाज वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ है और इसकी निंदा करता है। हमारे बुजुर्ग जो जमीन वक्फ करके गए हैं अल्लाह उसकी हिफाजत फरमाए। अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, राहत अक़ील, शावेज़ नक़वी, तनवीर हसन, सलीम रज़ा, तस्लीम रज़ा, मो. अब्बास, हाजी गुड्डू मंसूरी, हाजी अजीम वारसी, सलीम रज़ा, तनवीर हसन, इबाद रिज़वी, मो. मियां, शौजब रिज़वी, शब्बर अक़ील, हसन अब्बास, तहसीन रज़ा, शारिक सग़ीर शानू, शम्स हसन, जीशान हैदर, सैफू, राहिल, सुहेल अली, समर, जुनैद, जावेद, अली सौरिख सहित नमाजियों ने अल्लाह से मुल्क में अमनचैन की दुआ की।
फोटो- अलविदा जुमे की नमाज पढ़ाते मौलाना अनवारुल हसन जैदी।











