Explore

Search

November 4, 2026 9:22 am

लेटेस्ट न्यूज़

जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

आकाश के रास्ते चलीं मायावती,बदली-बदली आ रहीं हैं नजर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पार्टी को बचाए रखने की है।परिवार से लेकर पार्टी में कलह चरम पर है, चुनाव दर चुनाव नतीजे ख़राब आ रहे हैं।यूपी की चार बार सीएम रहीं मायावती की पार्टी बसपा का अब बेस वोटर भी छिटकने लगा है।बसपा के जाटव वोट बैंक में चंद्रशेखर रावण ने सेंधमारी कर दी है।

 

अब बसपा मुखिया मायावती घर और पार्टी ऑफिस से बाहर निकलना शुरू कर दिया है।शुक्रवार को मायावती राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज प्रेरणा केंद्र पहुंची।बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती 15 मार्च को है।बसपा इसी बहाने कार्यकर्ताओं को एक्टिव करना चाहती है। इसलिए तैयारी देखने के लिए मायावती खुद मौक़े पर पहुंच गईं।ऐसा पहली बार हो रहा है।बुधवार को मायावती उमा शंकर सिंह के घर पहुंच गईं, उमाशंकर सिंह बसपा के इकलौते विधायक हैं। मायावती ने उमा शंकर और उनकी पत्नी को शादी की सालगिरह की बधाई दी।

 

चर्चा तेज हो गई कि बहिन जी तो बदली-बदली सी नज़र आ रही हैं।सवाल उठ रहे हैं कि क्या मायावती अपनी लाइन लेंथ बदल रही हैं, ये सवाल इसीलिए क्योंकि मायावती के निशाने पर अब कांग्रेस के बदले भाजपा आ गई है, मायावती को अचानक मुसलमानों की चिंता सताने लगी है।पिछले दो दिनों से मायावती भाजपा को दलित विरोधी साबित करने में जुटी हैं,हर दिन किसी न किसी मुद्दे पर मायावती भाजपा को घेरने में जुटी हैं।मायावती का अचानक से ह्रदय परिवर्तन कैसे हो गया।

 

पहले मायावती ने परिवार में सब ठीक किया।भतीजे आकाश आनंद को निकाला,छोटे भाई आनंद कुमार को किनारे लगाया।फिर सबको टाइट किया,रामजी गौतम को ऊपर किया तो किसी को नीचे किया।अब विचार कर मायावती काम कर रही हैं।मायावती की सियासत बदलाव की ओर है, लेकिन इसकी ज़रूरत क्यों पड़ी,विपक्ष ने बसपा पर भाजपा की बी टीम होने का ठप्पा लगा दिया है।राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव इस बात पर काफ़ी मुखर रहे हैं। राहुल और अखिलेश कहते हैं कि मायावती भाजपा से नहीं लड़ती हैं। राहुल ने तो हाल में ही रायबरेली के दौरे पर कहा था कि अगर बसपा ठीक से लड़ती तो हम भाजपा को रोक सकते थे।

 

पहले 2022 का विधानसभा चुनाव फिर 2024 का लोकसभा चुनाव।विपक्ष ने माहौल बनाया कि बसपा उम्मीदवारों की सूची भाजपा हेड क्वार्टर में बनती है।बीते कुछ दिनों से मायावती के निशाने पर भाजपा ही है,कभी मायावती योगी सरकार को कोसती है तो कभी एमपी सरकार को।शुक्रवार को मायावती उत्तराखंड सरकार को लपेट लिया।

 

मायावती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखती हैं कि उत्तराखंड सरकार द्वारा पहले कुछ मज़ारों व धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किए जाने के बाद अब राजधानी देहरादून में 11 प्राइवेट मदरसों को सील किए जाने की ख़बर की काफी चर्चा। सरकार धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने वाली ऐसी द्वेषपूर्ण व गैर सेक्युलर कार्रवाईयों से जरूर बचे।

 

मायावती अब फिर से पुराने फार्मूले पर हैं।मुसलमान,दलित और ब्राह्मण वाले सामाजिक समीकरण पर फ़ोकस है। 2022 का चुनाव हारने के बाद मायावती ने कहा था कि मुसलमान समझदार नहीं होते।अब वही मायावती रमजान में यूपी में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने से नाराज़ हैं।मुसलमान अब मायावती के भाई जान हैं।संयोग ही है कि आकाश आनंद बसपा में रह कर जो प्रयोग करना चाहते थे मायावती वैसा ही कर रही हैं।आकाश भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहते थे।जब आकाश इस राह पर चले तो मायावती ने पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें प्रचार से हटा दिया था।आकाश अब बसपा से बाहर हैं,लेकिन उनकी बुआ मायावती उसी राह पर हैं।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

Live Tv
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर