सैफई, इटावा, 20 फरवरी 2025 अनिल कुमार पाण्डेय। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए स्टाफ इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक शाखा द्वारा चलाये जा रहे इस तीन दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत नवनियुक्त कर्मचारियों को विश्वविद्यालय के कार्य-संस्कृति से परिचय कराने हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण प्रोग्राम में विश्वविद्यालय के अलावा एसजीपीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रत्येक सेशन के अन्त में नवनियुक्त कर्मिकों के लिए प्रश्नोत्तर सेशन का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नवनियुक्त कर्मियों के सवालों का जबाब विशेषज्ञों द्वारा दिया जायेगा।
स्टाफ इंडक्शन प्रोग्राम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डा0) पीके जैन ने द्वीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति डा0 रमाकान्त यादव, कुलसचिव एवं आर्ग्रेनाइजिंग चेयरमैन डा0 चन्द्रवीर सिंह, संकायाध्यक्ष चिकित्सा डा0 आदेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा0 एसपी सिंह, निदेशक वित्त जगरोपन राम, आर्ग्रेनाइजिंग सेक्रेटरी डा0 कमल पंत व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर तथा मुख्य लेखा अधिकारी विपिन कुमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केबी अग्रवाल के अलावा विश्वविद्यालय में नवनियुक्त लगभग 50 से अधिक कर्मचारियों अधिकारियों ने भाग लिया।
स्टाफ इंडक्शन प्रोग्राम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) पीके जैन ने कहा कि विश्वविद्यालय में ज्वाइन करने वाले सभी कर्मचारियें से अपेक्षा की जाती है कि वो दिये गये या आवंटित कार्य के प्रति सच्चा समर्पण रखेंगे। सभी कर्मचारियों से कार्य में अनुशासन एवं समयबद्धता को सर्वोपरि रखने की आशा की जाती है। इसके अलावा सभी नवनियुक्त काम की बारीकियों को सिखने का प्रयास करें तथा सहकर्मियों से मित्रवत् व्यवहार रखें।
कुलसचिव प्रोफेसर डा0 चन्द्रवीर सिंह तथा चिकित्सा अधीक्षक डा0 एसपी सिंह ने नवनियुक्त कर्मचारियों से विभागीय अनुशासन तथा कार्यक्षमता में गुणात्मक सुधार की बात कही। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर अनुशासन के साथ नियमों का पालन बहुत जरूरी है।
निदेशक वित्त जगरोपन राम ने कहा कि इंडक्शन प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण का उद्देश्य नवनियुक्त कर्मचारियों के समक्ष आने वाली कार्य सम्बन्धित चुनौतियाँ जिसमें कार्यशैली, कार्यक्षमता तथा अनुशासन आदि के बारे में विशेषज्ञों द्वारा गहनता से प्रशिक्षण देना है।
प्रतिकुलपति डा0 रमाकान्त यादव तथा संकायाध्यक्ष चिकित्सा डा0 आदेश कुमार ने नये कर्मिकों को सलाह दी कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी जा रही है उसे गंभीरता से लें तथा प्रशिक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के कार्य-संस्कृति से भी परिचित हों।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं आर्ग्रेनाइजिंग सेक्रेटरी उमाशंकर व डा0 कमल पंत ने बताया कि ट्रेनिंग का लक्ष्य नये कर्मचारियों को उनके काम को प्रभावी ढंग से करने हेतु प्रशिक्षित करने के साथ उनके ज्ञान, कौशल तथा सहकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल को बढ़ाना है।











