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June 22, 2026 3:54 am

कई उम्मीदवार अपनी ही सीट पर नहीं डाल पाएंगे वोट,

कई उम्मीदवार अपनी ही सीट पर नहीं डाल पाएंगे वोट लिस्ट में Sisodia का भी नाम भी शामिल दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान जारी है लेकिन कई बड़े नेता खुद को वोट नहीं दे पाएंगे। इसमें कांग्रेस की अलका लांबा, बीजेपी के रमेश बिधूड़ी, कपिल मिश्रा और आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया जैसे दिग्गज शामिल हैं।इसकी वजह यह है कि वे जिस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं वहां उनके वोट नहीं हैं बल्कि उनका नाम किसी और सीट के मतदाता सूची में दर्ज है।

 

खुद को वोट क्यों नहीं दे सके उम्मीदवार?

 

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कोई भी उम्मीदवार राज्य का मतदाता हो तो वह किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकता है लेकिन उसका वोट जहां दर्ज है वह केवल वहीं डाल सकता है। इसीलिए कई उम्मीदवारों को अपनी पसंद के प्रत्याशी को तो वोट देने का मौका मिला लेकिन खुद के नाम पर मुहर लगाने का अवसर नहीं मिला।

 

कौन-कौन से बड़े नेता खुद को नहीं दे सके वोट?

 

➤ रमेश बिधूड़ी (बीजेपी) – कालकाजी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन उनका वोट तुगलकाबाद में है। ➤ अलका लांबा (कांग्रेस) – कालकाजी से चुनाव लड़ रही हैं लेकिन वोट मादीपुर में दर्ज है। ➤ मनीष सिसोदिया (AAP) – जंगपुरा से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन उनका वोट नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में है। ➤ कपिल मिश्रा (बीजेपी) – करावल नगर से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन उनका वोट घोंडा में है। ➤ चंदन कुमार चौधरी (बीजेपी) – संगम विहार से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन उनका वोट देवली में है। ➤ हर्ष चौधरी (कांग्रेस) – संगम विहार से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन उनका वोट तुगलकाबाद में है। ➤ मोहन सिंह बिष्ट (बीजेपी) – मुस्तफाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन वोट करावल नगर में है। ➤ दुष्यंत गौतम (बीजेपी) – करोल बाग से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन वोट कोंडली में है। ➤ अनिल भारद्वाज (कांग्रेस) – सदर बाजार से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन वोट वजीरपुर में है। ➤ कर्म सिंह कर्मा (बीजेपी) – सुल्तानपुर माजरा से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन वोट रिठाला में है। ➤ दीपक तंवर (LJP-R) – देवली से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन वोट अंबेडकर नगर में है।

 

दिल्ली में ऐसा नियम क्यों है?

 

दिल्ली में विधानसभा चुनाव में किसी भी सीट से चुनाव लड़ने के लिए राज्य का मतदाता होना जरूरी है लेकिन जिस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं वहां का मतदाता होना जरूरी नहीं है। इसलिए उम्मीदवार चुनाव तो लड़ सकते हैं लेकिन अगर उनका वोट किसी दूसरी सीट पर दर्ज है तो वे खुद को वोट नहीं दे सकते।

 

लेकिन एमसीडी चुनाव में ऐसा नहीं होता। एमसीडी चुनाव में जिस वार्ड से उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा होता है उसे उसी वार्ड का मतदाता भी होना जरूरी होता है। वहीं लोकसभा चुनाव में कोई भी उम्मीदवार देश के किसी भी राज्य का मतदाता हो और किसी भी राज्य से चुनाव लड़ सकता है।

 

मतदान जारी, 8 फरवरी को नतीजे

 

दिल्ली विधानसभा चुनाव की सभी 70 सीटों पर मतदान हो रहा है। मतदाता सुबह से ही अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर मतदान कर रहे हैं। 8 फरवरी को वोटों की गिनती होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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