Explore

Search

November 3, 2026 2:55 am

लेटेस्ट न्यूज़

जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

कोरोना के दौरान कर्नाटक में प्राइवेट स्कूलों ने छात्रों से 345 रुपये अधिक वसूले, कैग की रिपोर्ट में दावा

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi

Image Source : FILE PHOTO
प्रतीकात्मक तस्वीर

कर्नाटक के प्राइवेट स्कूलों ने 2020-21 में कोरोना महामारी के दौरान छात्रों से 345.80 करोड़ रुपये अधिक वसूले हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने गुरुवार को विधानसभा में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है और उसने शुल्क विनियमन में कमी के लिए सरकार की खिंचाई की।

राज्य सरकार की खिंचाई की

प्राथमिक शिक्षण संस्थानों के कामकाज पर अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा कि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के पास निजी गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों द्वारा एकत्र की जाने वाली फीस पर नजर रखने का कोई तरीका नहीं है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि निगरानी के अभाव के कारण फीस विनियमन का उल्लंघन हुआ है और उसने ऑनलाइन स्कूलों को नियामक ढांचे के अंतर्गत न लाने के लिए सरकार की आलोचना भी की।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर कैग की रिपोर्ट

कैग ने स्वास्थ्य पर अपनी एक अन्य रिपोर्ट में कहा कि मार्च 2022 के अंत तक सरकार को 17.79 करोड़ रुपये मूल्य की कोरोना की दवाइयों की आपूर्ति नहीं की गई। कुल मिलाकर सरकार ने 665 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं के ‘ऑर्डर’ दिए थे और 415 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं की आपूर्ति में एक से 252 दिनों तक की देरी हुई। (भाषा इनपुट्स के साथ)

यह भी पढ़ें-

कोरोना लॉकडाउन में कैंसिल की थी मैरिज हॉल की बुकिंग, 4 साल बाद मिला न्याय

कोरोना काल में टेंडर के फर्जी बिल पास कर 200 करोड़ का घोटाला, जांच के बाद PWD अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार

Latest India News

Source link

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

Live Tv
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर