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October 30, 2026 8:24 pm

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

इटावा में चेहल्लुम का ऐतिहासिक जुलूस: शान-ओ-शौकत, आस्था और कड़ी सुरक्षा का अद्भुत संगम,,नौहाख्वानी और अज़ादारी से गूंजी सड़कें, पुलिस ने रखी पूरी नज़र

इटावा में चेहल्लुम (40वीं) के अवसर पर ताजिये का जुलूस भव्यता और पारंपरिक आस्था के साथ निकाला गया। मुस्लिम समुदाय के हजारों श्रद्धालुओं ने जुलूस में शिरकत कर अज़ादारी और मातम का इज़हार किया।

निर्धारित मार्ग – शहर के प्रमुख चौराहों, इमामबाड़ों और मुख्य सड़कों से होता हुआ जुलूस वापस अपने मूल स्थान पर संपन्न हुआ। रास्ते भर नौहाख्वानी, मर्सिया-ख्वानी और धार्मिक रस्में बखूबी अदा की गईं। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा घेरे, यातायात नियंत्रण और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए। जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा – कहीं से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

 

चेहल्लुम के इस पावन अवसर पर इटावा शहर की सड़कें मातमी रंग में डूब गईं। ताजिये का जुलूस निर्धारित स्थान से रवाना हुआ और शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और ऐतिहासिक इमामबाड़ों से गुज़रता हुआ वापस अपने मूल स्थान पर पहुँचा। पूरे रास्ते अज़ादारी, नौहाख्वानी और मर्सिया पढ़ने की परंपरा निभाई गई।

सैकड़ों-हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने अमाम ज़ैनुल आबिदीन (अ.स.) की याद में ख़ाक-बिस्तरी और सीने-ज़नी की। यह दृश्य देखने लायक था – जहां बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक ने इस परंपरा को जीवंत बनाए रखा।

 

सुरक्षा का कवच – पुलिस का सतर्क प्रहरी

प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। जुलूस के पूरे मार्ग पर:

भारी पुलिस बल तैनात रहा।

यातायात नियंत्रण के लिए डायवर्जन योजना लागू की गई।

सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों (यदि उपयोग किया गया हो) से नज़र रखी गई (पाठ के अनुसार निगरानी के पुख्ता इंतजाम)।

पुलिस ने शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस संपन्न कराने में सफलता पाई और कहीं से कोई अवांछित घटना सामने नहीं आई।

शहर में अमन-चैन का पैगाम

इस जुलूस ने सिर्फ आस्था का ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और सद्भावना का भी संदेश दिया। इमामबाड़ों पर जलसे-अज़ादारी हुए और मातमी सभाओं में इमाम हुसैन (अ.स.) के कर्बला के संघर्ष को याद किया गया। जुलूस खत्म होने के बाद सभी श्रद्धालु सकुशल अपने घरों को लौट गए।

एक स्थानीय श्रद्धालु ने कहा:

“चेहल्लुम हमारे लिए इमाम हुसैन (अ.स.) की याद का अंतिम पड़ाव है। आज शहर की सड़कें मातमी हो उठीं, लेकिन प्रशासन के सहयोग से यह जुलूस पूरी शांति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।”

प्रशासन ने स्थिति पर पूरी नज़र रखी। अधिकारियों के अनुसार, पहले से ही रूट चार्ट, समय सारिणी और भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई गई थी। जुलूस शुरू होने से लेकर वापसी तक लगातार निगरानी की गई, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी प्रकार की धार्मिक या सांप्रदायिक अप्रियता न हो।

जहां आस्था से मिली अमन की राह

इटावा के इस चेहल्लुम जुलूस ने साबित कर दिया कि धार्मिक परंपराएं जब अनुशासन और प्रशासन के साथ चलती हैं, तो वे शांति और सद्भाव की मिसाल बन जाती हैं। पुलिस की सतर्कता और श्रद्धालुओं के अनुशासन ने मिलकर इस आयोजन को यादगार बना दिया।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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