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October 31, 2026 9:40 pm

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

दक्षिण अफ्रीका से भारत आएंगे और चीते,कूनो अभयारण्य बना रहेगा चीता लांचिंग ग्राउंड

नई दिल्ली। प्रोजेक्ट चीता की सफलता से उत्साहित दक्षिण अफ्रीका अब भारत को और चीते देने को राजी हो गया है। जल्द ही छह से आठ और चीते लाए जा सकते हैं।वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई चर्चा में बनी सहमति के बाद चीतों की नई खेप को कूनो में रखने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

वैसे भी कूनो में बाहर से आने वाले चीतों को रखने के लिए जो ढांचा तैयार किया है,उसमें भविष्य में भी बाहर से आने वाले चीतों का लांचिंग ग्राउंड कूनो ही रहेगा।बरहाल मौजूदा समय में मध्य प्रदेश के कूनो और गांधी सागर अभयारण्यों में 53 चीते हैं।इस बीच मध्य प्रदेश के नौरादेही अभयारण्य को चीतों का एक तीसरा ठिकाना भी बनाने की तैयारी अंतिम दौर में है।

माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक कूनो से कुछ चीतों को वहां शिफ्ट किया जा सकता है।इसके बाद चीतों की एक खेप को गुजरात के बन्नी अभयारण्य में रखने की तैयारी है। पिछले दिनों राजस्थान के सरिस्का अभयारण्य में प्रोजेक्ट चीता को लेकर भी चर्चा हुई थी। इसमें प्रोजेक्ट चीता के भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत किया गया था।

इस दौरान बताया गया था कि कैसे कूनो और गांधी सागर में चीते खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं। साथ ही शिकार भी कर रहे हैं। गौरतलब है कि देश में 2022 में नामीबिया से आठ, 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और 2026 में बोत्सवाना से नौ चीते लाए गए हैं। हालांकि मौजूदा समय में भारत में जन्मे चीते ही व्यस्क हो गए हैं।

चीतों को बसाने को लेकर अकेले मध्य प्रदेश और गुजरात ही नहीं,बल्कि राजस्थान भी रूचि दिखा रहा है। सरिस्का में आयोजित एक सम्मेलन में राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के सामने यह मांग रखी और कहा कि वह भी अपने यहां चीतों को बसाना चाहते हैं।

बता दें कि प्रोजेक्ट चीता के तहत राजस्थान के मुकुंदरा, शाहगढ़ और भैंस रोडगढ़ अभयारण्य को चीतों के लिए उपयुक्त पाया गया था। वैसे भी कूनो से चीते निकलकर लगातार राजस्थान की सीमा में दाखिल हो रहे हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच एक चीता कारिडोर बनाने का भी प्रस्ताव है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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