अब्दुल्ला अख़्तर छिबरामऊ
असालत नगर के खेतों में पहुंचकर ताहिर हुसैन सिद्दीकी ने लिया जायजा, शासन से सर्वे कराने की अपील
छिबरामऊ (कन्नौज)।
पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही भीषण बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कुदरत के इस कहर ने न केवल फसलों को बर्बाद किया है, बल्कि अन्नदाता की कमर भी तोड़ दी है। बुधवार को पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी ने ग्राम असालत नगर समेत विभिन्न ग्रामीण इलाकों का दौरा किया और खेतों में बिछ चुकी फसलों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान खेतों में ओलों की चादर और जलभराव के बीच बर्बादी का मंजर साफ नजर आया। ओलावृष्टि से विशेष रूप से गेहूं, मक्का और मूंगफली, आलू, खरबूजा और तरबूज की फसलों को नुकसान पहुँचा है ।
किसानों से बात करते हुए पूर्व विधायक ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही आलू के उचित दाम न मिलने के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था, ऊपर से इस बेमौसम मार ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया है।
पूर्व विधायक ने कहा क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने बैंक और साहूकारों से कर्ज लेकर फसलें तैयार की थीं। अब मेहनत मिट्टी में मिल चुकी है, जिससे किसानों के सामने भुखमरी और कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व विधायक ने शासन और जिला प्रशासन से इस आपदा पर तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्य रूप से कहा राजस्व विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजकर नुकसान का सटीक आकलन कराया जाए, पीड़ित किसानों को बिना देरी के आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी आपबीती सुनाते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मदद न मिली, तो उनके परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।











