इटावा। रहमतों, बरकतों और मगफिरत का पवित्र महीना रमज़ान-उल-मुबारक अपने आखिरी अशरे (तीसरे भाग) में है। इसी सिलसिले में 27वीं रमज़ान की मुबारक रात को शहर के पचराहा स्थित मस्जिद में खास माहौल देखने को मिला, जहां तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरआन-ए-पाक मुकम्मल (पूरा) हुआ।
इस मुकम्मल की खुशी में शेख गुलशेर मुतबल्ली मस्जिद पचराहा हाफ़िज आरिफ रजा, हाफ़िज नोमान असरफ़,शेख शहीद अहमद, ओर उलमा-ए-इकराम (धर्मगुरुओं),ने मस्जिद में नमाज़ अदा करने वाले मोमिनीन और आस-पास के इलाकों से आए बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कुरआन शरीफ के पूरा होने की खुशी में अहले ईमान ने एक-दूसरे पर गुलाब के फूलों की पत्तियां नवाज़िश (गुलपोशी) की और गले मिलकर एक-दूसरे को रमज़ान की बेहतरीन नेमत के तौर पर इस मुबारक मौके की मुबारकबाद दी।

इस दौरान पूरे मस्जिद में सुकून और इबादत का गहरा माहौल था। आखिर में मस्जिद पचराहा के पेश इमाम मौलाना साहब ने सभी मुसलमानों की तरक्की, अमन व सलामती और दुआओं की कबूलियत के लिए खास दुआ मांगी, जिसमें सभी ने ‘आमीन’ की सदा बुलंद की। इस मौके पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने इस महीने की आखिरी ताकतों (विशेष रातों) में इबादत की तौफीक मांगी।











