इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क में इन दिनों बब्बर शेरों का एक अनूठा संसार देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर शेरनी नीरजा के 04 नन्हे-मुन्ने शावक अपनी मां के साथ खेल-कूदकर बड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सफारी का ‘वृद्धाश्रम’ यानी लॉयन हाउस नंबर 02 बुजुर्ग शेरों की शान से गुलजार है। यहां वे शेर-शेरनियां रहते हैं, जो अब अपने जीवन के सुनहरे दिनों में हैं और पार्क प्रशासन उनकी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

इन वृद्ध सिंहों में सबसे उम्रदराज हैं 18 वर्षीय शेरनी ‘हीर’। आमतौर पर जंगल में 14-16 साल के जीवनकाल वाले बब्बर शेर यहां सफारी की देखभाल में 20 साल तक जीवित रह सकते हैं। हीर के अलावा 17 वर्षीय नर शेर गीगो और शेरनी जेसिका भी इस वृद्ध मंडली की शान हैं। तीनों में वृद्धावस्था के स्पष्ट लक्षण दिख रहे हैं – कैनाइन दांतों का पीलापन, त्वचा का ढीलापन और स्फूर्ति में कमी

परंतु पार्क प्रशासन ने इन बुजुर्गों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा है। उनके बाड़े में विशेष फोगर सिस्टम लगाया गया है ताकि वे भीषण गर्मी और लू से बच सकें। उनके लिए अलग से एक्सरसाइज क्षेत्र बनाया गया है, जहां वे आराम से धूप का आनंद ले सकें। पार्क के वन्य जीव चिकित्सक उन्हें नियमित रूप से विटामिन और जरूरी सप्लीमेंट्स देकर उम्र के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहे हैं।

जेसिका: एक सुपर मॉम का सफर
इन बुजुर्गों में शेरनी जेसिका का कारनामा खास है। यह शेरनी 7 बार से अधिक प्रजनन कर चुकी है और मनन नामक शेर के साथ मेटिंग करके उसने इटावा सफारी पार्क में 08 बब्बर शेरों को जन्म दिया है, जिससे सफारी का शेर परिवार लगातार बढ़ रहा है।

सफारी में शेरों का कुनबा
सफारी पार्क में वर्तमान में कुल 23 बब्बर शेर हैं, जिनमें 07 नर, 12 मादा और 04 नवजात शावक शामिल हैं।
· प्रथम पीढ़ी: सिम्बा, सुल्तान, रूपा, सोना, गार्गी, नीरजा और विश्वा।
· द्वितीय पीढ़ी: अज्जू, जया, आशी, क्रुपा, निक, निक्की, किन्नी और 04 नए शावक।
हालांकि हीर और गीगो से इटावा सफारी में कोई शावक उत्पन्न नहीं हो सका, लेकिन पार्क का खुशनुमा वातावरण और बेहतरीन देखभाल उनके जीवन के इस पड़ाव को सुखद बना रही है।
भालू और तेंदुओं में भी सबसे बुजुर्ग
सिर्फ शेर ही नहीं, बल्कि सफारी के अन्य जानवर भी उम्र के इस पड़ाव पर खास देखभाल पा रहे हैं। यहां के सबसे बुजुर्ग भालू कालिया की उम्र 25 वर्ष है, जो भालुओं की औसत आयु (16-40 वर्ष) के मामले में काफी अधिक है। वहीं, लेपर्ड सफारी में 16 वर्ष से अधिक उम्र के तीन तेंदुए ऋचा, श्रीश और कार्तिक भी वृद्धावस्था के इस पड़ाव में हैं। उल्लेखनीय है कि लेपर्ड की औसत उम्र 14-16 वर्ष होती है, लेकिन ये तीनों उससे भी आगे निकल चुके हैं। फिलहाल सफारी में कुल 24 तेंदुए वास कर रहे हैं।
(डा0 विनय कुमार सिंह)
उप निदेशक
इटावा सफारी पार्क











