इटावा। इटावा सफारी पार्क के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। यहाँ बाढ़ के त्योहार होली पर जहाँ सभी अधिकारी और कर्मचारी वन्य जीवों की निगरानी के लिए उपस्थित थे, वहीं प्रकृति ने सफारी प्रशासन को एक अद्भुत उपहार दिया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, 08 मार्च की शाम को एशियाटिक बब्बर शेरनी ‘नीरजा’ ने एक साथ चार स्वस्थ शावकों को जन्म देकर सफारी परिसर में खुशियों की बहार ला दी।
सफारी के निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि शेर ‘कान्हा’ और शेरनी नीरजा का मिलन नवंबर 2025 (18 से 21 नवंबर) के मध्य हुआ था। आई.वी.आर.आई. बरेली में गर्भ की पुष्टि के बाद नीरजा को विशेष ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट किया गया, जहाँ समर्पित कीपर्स की टीम उसकर देखभाल में जुट गई थी।
चार शावकों का जन्म, सीसीटीवी से हो रही निगरानी
प्रसव की संभावित तिथि होली (03 से 08 मार्च) के आसपास होने के कारण पूरी टीम अलर्ट मोड पर थी। 08 मार्च की शाम 08:25 बजे नीरजा ने पहले शावक को जन्म दिया। इसके बाद लगातार तीन और शावकों ने जन्म लिया:
· 08:25 बजे: पहला शावक
· 09:07 बजे: दूसरा शावक
· 09:43 बजे: तीसरा शावक
· 09:59 बजे: चौथा शावक
फिलहाल सभी शावक स्वस्थ हैं और शेरनी नीरजा अपनी संतान की देखभाल में व्यस्त हैं। सफारी प्रशासन सीसीटीवी कैमरों से इनकी लगातार निगरानी कर रहा है, बिना किसी इंसानी दखल के उन्हें प्राकृतिक वातावरण में पलने दिया जा रहा है।
माँ नीरजा का शानदार रिकॉर्ड
अनुभवी माँ नीरजा के लिए यह तीसरा मातृत्व है। इससे पहले वह दो बार माँ बन चुकी हैं और उनके पिछले पाँचों शावक (पहली बार में 02 और दूसरी बार में 03) सफलतापूर्वक स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस उपलब्धि के साथ ही इटावा सफारी पार्क में एशियाटिक बब्बर शेरों के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है।
(डॉ अनिल कुमार पटेल)निदेशक
इटावा सफारी पार्क, इटावा











