इटावा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर महिला प्रजापति समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जिला अध्यक्ष इटावा ऊषा प्रजापति ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला पेंशन और राजनीतिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ऊषा प्रजापति ने कहा, “आज भी महिलाएं रात में अकेले निकलने से डरती हैं। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। सरकार को महिला सुरक्षा के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार को और मजबूती से पेश आना चाहिए, तभी महिलाएं सही मायने में स्वतंत्र और सशक्त हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की कुछ योजनाएं सराहनीय हैं, लेकिन वे अधूरी हैं। “बेटियों की शिक्षा, महिलाओं के लिए अलग से अस्पताल, पेंशन में वृद्धि और नौकरियों में प्राथमिकता जैसी मांगों पर सरकार को तत्काल बजट आवंटित करना चाहिए।”
ऊषा प्रजापति का यह बयान महिला संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगले बजट सत्र में महिला हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।









