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November 2, 2026 12:17 am

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

“महिला सशक्तीकरण का बजट अधूरा: ऊषा प्रजापति बोलीं- स्वास्थ्य, शिक्षा, नौकरी और पेंशन में मिले बढ़ोतरी, राजनीतिक हिस्सेदारी पर भी सरकार दे संज्ञान”

इटावा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर महिला प्रजापति समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जिला अध्यक्ष इटावा ऊषा प्रजापति ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला पेंशन और राजनीतिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 

ऊषा प्रजापति ने कहा, “आज भी महिलाएं रात में अकेले निकलने से डरती हैं। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। सरकार को महिला सुरक्षा के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार को और मजबूती से पेश आना चाहिए, तभी महिलाएं सही मायने में स्वतंत्र और सशक्त हो सकेंगी।

 

उन्होंने कहा कि सरकार की कुछ योजनाएं सराहनीय हैं, लेकिन वे अधूरी हैं। “बेटियों की शिक्षा, महिलाओं के लिए अलग से अस्पताल, पेंशन में वृद्धि और नौकरियों में प्राथमिकता जैसी मांगों पर सरकार को तत्काल बजट आवंटित करना चाहिए।”

 

ऊषा प्रजापति का यह बयान महिला संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगले बजट सत्र में महिला हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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