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November 2, 2026 1:56 am

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

शिक्षा विद प्रो श्यामपाल सिंह शिक्षा और संस्कारों का अनूठा संगम

इटावा वर्तमान शिक्षा जगत में प्रोफेसर श्याम पाल सिंह का एक व्यक्तित्व एक प्रेरणा पुंज के रूप में उभर कर सामने आया है वर्ष 1968 में उत्तर प्रदेश के एटा जनपद की माटी में जन्मे प्रोफेसर श्याम पाल सिंह की प्रारंभिक शिक्षा की नीति एटा के परसोंन में पड़ी , जहां उन्होंने कक्षा 9 से 12वीं तक का सफर कड़े परिश्रम अटूट लग्न के साथ तय किया । उच्च शिक्षा के प्रति उनके अगाध रुझान ने उन्हें प्रयागराज विश्वविद्यालय की दहलीज तक पहुंचाया, जहां से उन्होंने स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र की उपाधि प्रयागराज विश्वविद्यालय से विश्वविद्यालय में टॉप कर डिग्री प्राप्त की 

प्रोफेसर श्याम पाल सिंह जिनके मार्गदर्शक उनके पिता स्वर्गीय पातीराम जी जो स्वयं में एक समर्पित प्रधानाध्यापक थे वही प्रोफेसर श्याम पाल सिंह का गहरा प्रभाव स्पष्ट झलकता है , पिता से विरासत में मिले संस्कारों को अपनी असली पूंजी मानने वाले प्रोफेसर श्याम पाल सिंह का दृढ़ विश्वास है कि एक सच्चा शिक्षक केवल डिग्रियों के अंबार से नहीं पहचाना जाता बल्कि उसके व्यक्तित्व की असली चमक माता पिता द्वारा गढ़े गए संस्कारों और उच्च जीवन मूल्यों से आती है।

प्रोफेसर श्याम पाल सिंह का व्यवसाइक सफर उत्तर प्रदेश की सीमाओं को पार कर मध्य प्रदेश की हृदय स्थल तक पहुंचा, जहां उन्होंने एक चुनौती पूर्ण परीक्षा मध्य प्रदेश पीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर सरकारी पद पर कार्यभार संभालते हुए अपनी प्रशासनिक और शिक्षक योग्यता को लोहा मनवाया वर्तमान में वह इटावा जनपद के प्रतिष्ठित राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के रूप में अपनी गौरवमय में सेवाएं दे रहे हैं, जोकि उनके अटूट कर्मठता और अनुशासन का जीवन प्रमाण है।

प्रोफेसर श्याम पाल सिंह उच्च शिक्षा के नोडल अधिकारी भी हैं राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय इटावा में लगातार 6 वर्षों से प्राचार्य पद को प्रभावी तरीके से संभाल रहे हैं उनका जीवन उन हजारों छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है जो सीमित संसाधनों और संघर्षों के बीच में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।

प्रोफेसर श्याम पाल सिंह केवल पद की गरिमा तक सीमित नहीं है बल्कि वह समाज के उसे यथार्थ और सत्यता को रेखांकित करने के विश्वास रखते हैं जिसे अक्सर काल्पनिक कहानियों और किस्सों की भीड़ में अनदेखा कर दिया जाता है

 

पारिवारिक दृष्टि से देखें तो वह मोर्चे पर भी प्रोफेसर श्याम पाल सिंह एक सफल और दूरदर्शी अभिभावक के रूप में आदर्श प्रस्तुत करते हैं

उनका बड़ा पुत्र एटा में एक विद्यालय के प्रबंधक के रूप में नई पीढ़ी को शिक्षित करने का पुनीत कार्य कर रहा है,

 

वहीं उनकी सुपुत्री ने अपनी मेघा से महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिखी है बेटियों को कमजोर समझने वाली दखियानुसी सोच को करारा जवाब देते हुए उनकी पुत्री ने प्रशासनिक सेवा की गठन की तैयारी के साथ-साथ गेट 2025 अखिल भारतीय परीक्षा में 250 सी रैंक हासिल करते हुए पूरे परिवार और क्षेत्र को गौरवान्वित कर किया है।

प्रोफेसर श्याम लाल पाल सिंह के छोटे पुत्र प्रियांशु राजपूत ने नीट 2022 मैं 4000 भी रैंक के साथ सफलता पाई और उनके बेटे का एमबीबीएस में एडमिशन प्रदेश के बहुत ही प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज कानपुर में हुआ प्रोफेसर श्याम पाल सिंह का यह वैचारिक और

शैक्षणिक सफर निरंतर जारी है और समाज को नई दिशा दिखाने के लिए उनकी यह प्रतिबद्धता आने वाले समय में सफलता के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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