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June 16, 2026 8:07 pm

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परिवहन निगम के कर्मचारियों की मनमर्जी: ठप पड़ीं बस सेवाएं, सरकार की योजनाओं पर लग रहा ग्रहण

अब्दुल्ला अख़्तर
• सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘छिबरामऊ बस स्टॉप’ का नहीं मिल रहा जनता को लाभ
• बाईपास से ही हो रहा सवारियों का आवागमन, करोड़ों की लागत से बना बस स्टेशन बना ‘वर्कशॉप’
छिबरामऊ (कन्नौज): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा छिबरामऊ की जनता को सुलभ और आधुनिक यात्रा सुविधा का लाभ देने के लिए पिछली पंचवर्षीय योजना में स्थानीय बस स्टॉप का भव्य पुनर्निर्माण कराया गया था। मुख्यमंत्री के इस ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाना था, लेकिन परिवहन निगम के स्थानीय कर्मचारियों की मनमर्जी और घोर लापरवाही के चलते प्रदेश सरकार की इन जनकल्याणकारी योजनाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है। आलम यह है कि करोड़ों की लागत से बना यह बस स्टॉप अब केवल एक ‘वर्कशॉप’ बनकर रह गया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिस दिन से इस नए बस स्टॉप को सुचारू रूप से चालू किया गया, उसी दिन से कर्मचारियों की तानाशाही के कारण बस स्टेशन के अंदर सवारियों का आवागमन लगभग बंद हो गया है। बसें स्टेशन के अंदर खाली आती हैं और चली जाती हैं, जबकि सवारियों को पूर्वी बाईपास पर ही उतारा और बैठाया जाता है। कर्मचारियों का तर्क है कि यदि बसें अंदर आएंगी तो जाम लग जाएगा।
परिवहन निगम द्वारा एक कर्मचारी की ड्यूटी विशेष रूप से पूर्वी बाईपास पर इसलिए लगाई जाती है ताकि वह बसों को बस स्टॉप के अंदर भेज सके। लेकिन धरातल पर कोई भी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभा रहा है, जिससे सरकार की योजना को पलीता लग रहा है, कर्मचारियों की इसी मनमानी का शिकार क्षेत्रीय विधायक के प्रयासों से शुरू हुई ‘खाटू श्याम लिंक बस सेवा’ भी बनी। स्थानीय परिवहन कर्मियों की उपेक्षा के चलते यह महत्वपूर्ण बस सेवा चंद दिनों में ही बंद हो गई। इसके अलावा, क्षेत्र की जनता द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार हरिद्वार बस सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, हरिद्वार का परमिट भी आ चुका है, लेकिन विभाग की सुस्ती और कर्मचारियों की अरुचि के कारण इस सेवा को अब तक हरी झंडी नहीं मिल सकी है।
*ग्रामीण बस सेवा ठप, यात्री प्रतीक्षालय पर कर्मचारियों का कब्जा*
प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को राहत देने के लिए 20% कम किराये वाली ‘ग्रामीण बस सेवा’ की शुरुआत की गई थी। छिबरामऊ में यह योजना भी कर्मचारियों की मनमर्जी के कारण कुछ ही दिनों में दम तोड़ गई। आज स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से बाहरी डिपो की बसें तो दिल्ली के लिए रवाना होती हैं, लेकिन छिबरामऊ बस स्टेशन की अपनी कोई भी बस ग्रामीण क्षेत्र से होकर दिल्ली के लिए आवागमन नहीं कर रही है।
इसके अतिरिक्त, भीषण नौतपा और गर्मी से यात्रियों को बचाने के लिए सरकार द्वारा यात्री प्रतीक्षालय में कूलर की व्यवस्था की गई थी। लेकिन जब बस स्टेशन पर यात्री ही नहीं आएंगे, तो इस सुविधा का क्या औचित्य? वर्तमान में आम जनता के लिए लगाए गए इन कूलरों और यात्री प्रतीक्षालय का लाभ स्थानीय कर्मचारी खुद उठा रहे हैं।
क्षेत्रीय जनता ने प्रदेश सरकार और परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि छिबरामऊ बस स्टेशन की बदहाली का संज्ञान लिया जाए। लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए सभी बसों का बस स्टॉप के अंदर आना अनिवार्य किया जाए और बंद पड़ी बस सेवाओं को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता को मिल सके।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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