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May 31, 2026 5:13 am

सराहनीय कन्नौज पुलिस:छिबरामऊ महिला हत्याकांड का किया 72 घंटे में खुलासा मुठभेड़ में आरोपी के पैर में लगी गोली

अब्दुल्ला अख़्तर छिबरामऊ
कर्ज के दलदल में फंसे भरोसेमंद पूर्व ड्राइवर ने ही रची थी खूनी साजिश; विरोध करने पर की थी सर्राफा व्यवसायी की पत्नी की निर्मम हत्या
छिबरामऊ (कन्नौज)।
स्थानीय नगर के मोहल्ला बनवारी नगर में गत 25 मई को हुए सर्राफा व्यवसायी राजीव वर्मा की पत्नी मंजू वर्मा के निर्मम हत्याकांड और जेवर लूट के सनसनीखेज मामले का कन्नौज पुलिस ने मात्र 72 घंटे के भीतर न केवल पर्दाफाश कर दिया है, बल्कि एक दुस्साहसिक पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में भी ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने जिले की कानून व्यवस्था पर जनता के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।
घटनाक्रम के अनुसार, 25 मई को बनवारी नगर निवासी राजीव वर्मा जब अपनी दुकान से घर लौटे, तो उन्होंने अपनी पत्नी मंजू वर्मा को कमरे में मृत पाया था। मंजू के चेहरे और नाक पर गंभीर चोटों के निशान थे, और उनके शरीर से सारे आभूषण गायब थे। इस नृशंस हत्याकांड से पूरे क्षेत्र के व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश व भय का माहौल व्याप्त हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने तत्काल संज्ञान लिया और घटना के अनावरण के लिए एसओजी (SOG), सर्विलांस समेत कुल 5 पुलिस टीमों का गठन कर चौतरफा जांच शुरू करवाई।
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने बारीकी से घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति लाल रंग की मोटरसाइकिल पर भागता हुआ दिखाई दिया। इसी बीच, पुलिस के मजबूत मुखबिर तंत्र ने सूचना दी कि संदिग्ध व्यक्ति छिबरामऊ-फर्रूखाबाद रोड पर स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास देखा गया है।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे और एसओजी प्रभारी त्रदीप सिंह की संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए स्थान पर घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देख शातिर आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने पास मौजूद अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लगी और वह वहीं गिर गया। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे तत्काल सीएचसी (CHC) छिबरामऊ भिजवाया।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी शालू उर्फ सल्लू (37 वर्ष) मूल रूप से अलीगढ़ का निवासी है, लेकिन वह छिबरामऊ के मोहल्ला जेरकिला में अपने ननिहाल में रहता था। वह कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि मृतका के परिवार का बेहद भरोसेमंद था। वह करीब 3 साल तक मंजू वर्मा का निजी ड्राइवर रहा था और परिवार की पूरी दिनचर्या व घर के अंदर की स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ था। हाल ही में वह दूसरी जगह ड्राइविंग करने लगा था, लेकिन जब भी परिवार को कहीं आने-जाने की आवश्यकता होती, वे शालू को ही बुलाते थे। अभी कुछ दिन पहले ही वह मृतका मंजू वर्मा को अपनी गाड़ी से कानपुर लेकर गया था। परिवार ने उसे अपने सदस्य की तरह घुला-मिला रखा था, लेकिन उसने इसी विश्वास का गला घोंट दिया।
पूछताछ में आरोपी शालू ने कुबूल किया कि उसके ऊपर करीब 6 से 7 लाख रुपये का कर्ज था। कर्जदारों के बढ़ते दबाव के कारण वह घटना वाले दिन मंजू वर्मा के घर पहुंचा था। उसने मंजू से महज 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद मांगी थी। जब मंजू ने यह कहते हुए असमर्थता जताई कि “अभी मेरे पास पैसे नहीं हैं”, तो कर्ज से बौखलाए शालू की नीयत खराब हो गई। उसने आव देखा न ताव, मंजू पर बेरहमी से हाथों और घूंसों से हमला कर दिया। उसने नाक और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मंजू बेदम होकर जमीन पर गिर पड़ी और अत्यधिक चोट व दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने मंजू के पहने हुए आभूषण (चेन, अंगूठियां और टॉप्स) लूटे और पुलिस की जांच भटकाने के उद्देश्य से मृतका के परिवार की ही मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से शत प्रतिशत आभूषण जिसमे 06 सोने की अंगूठियां, 01 सोने की चेन, झुमकी, टॉप्स और छल्ला, चोरी की गई मोटरसाइकिल, 315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।
इस पेचीदा और अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 72 घंटे में सुलझाकर आरोपी को घुटने पर लाने वाली पुलिस टीम की चारों तरफ जमकर तारीफ हो रही है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं मिला है, कर्ज की वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया। एसपी ने इस सराहनीय और जांबाज कार्य के लिए प्रभारी निरीक्षक छिबरामऊ कपिल दुबे, कस्बा इंचार्ज मनुज चौधरी और एसओजी प्रभारी त्रदीप सिंह समेत पूरी टीम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है और टीम का हौसला बढ़ाते हुए 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। स्थानीय व्यापार मंडल और जनता ने पुलिस के इस त्वरित एक्शन पर राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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