
हरदोई। जिले के लोनार थाने से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मित्र पुलिस की कार्यशैली को पूरी तरह से शर्मसार किया है। अपराध रोकने में नाकाम इंस्पेक्टर राकेश यादव ने पत्रकारों को लोनार थाने के डिजिटल वालंटियर ग्रुप से बाहर कर अपनी भड़ास निकाली, इतना ही नहीं खुद को ज्ञानी और पत्रकारों को अज्ञानी बता डाला। जो सवालों के घेरे में तो है ही, साथ ही यूपी सरकार व डीजीपी की मित्र पुलिस की कार्यप्रणाली को भी ठेंगा दिखाने का काम कर रहा हैं।
बताया गया कि लोनार थाना क्षेत्र के बावन बस स्टॉप के पास गुरूवार को झाड़ियों में एक युवती अचेत अवस्था में खून से लथपथ मिली थी। जिस खबर को पत्रकारों ने दुष्कर्म की आशंका के साथ चलाया था। इसी बात से नाराज इंस्पेक्टर राकेश यादव ने क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक पत्रकारों को ग्रुप से बाहर कर दिया। जो सवालों के घेरे में है। इंस्पेक्टर राकेश यादव अपनी जिम्मेदारी तो ठीक से निभा न सके लेकिन चाहते थे कि पत्रकार अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर खबर ही न चलाए और इतनी बड़ी खबर को यूंही देखकर नजरअंदाज कर जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो पत्रकारों को अज्ञानी और खुद को ज्ञानी बता दिया। इतना ही नहीं उनके एक मुंशी मुकेश ने तो पत्रकारों को डिजिटल वालंटियर्स SOP तक दिखा दी। जिसमें अपनी तरफ से कुछ और ही नीतियां बना दी। जबकि पत्रकारों और सम्भ्रांत नागरिकों को ग्रुप में जब जोड़ा गया था तब ग्रुप का उद्देश्य था कि क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर बनी रहे। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार और डीजीपी के निर्देश पर हर थाने में मित्र पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए ये ग्रुप बनाया गया था। लेकिन उस पर अब कानों को खुश करने वाली बात राकेश यादव सुनना चाहते है जो कहीं न कहीं सरकार की नीतियों को बट्टा लगाने का काम कर रही है।
पहले भी सांडी में तैनाती के दौरान पत्रकारों को कवरेज करने से रोका और बड़े ही रौब में बेइज्जत किया था। जिसके बाद हो हल्ला मचा था लेकिन कार्रवाई के नाम पर लोनार थाने में तबादला हुआ। इसके बाद इंस्पेक्टर राकेश यादव के हौसले बुलंद हो गए। और फिर उसने एक के बाद एक पत्रकारों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। लोनार थाना क्षेत्र में ही एक पत्रकार पर फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज करने की भी सूचना मिली है। ऐसा लग रहा इन्हें पत्रकार ही सबसे बड़े अपराधी लग रहे है, जब ऐसा ही रहेगा तो पत्रकार अपना काम निष्पक्ष तरीके से कैसे कर पाएंगे। ये सवाल उठ रहा है। साथ इनकी कार्यशैली को देखकर अब मांग उठ रही है कि इन्हें प्रमोट कर कोई उच्च पद दिया जाए। जिससे ये पत्रकार और सम्भ्रांत नागरिकों का बेहतर ढंग से शोषण कर पाए।











