अब्दुल्ला अख़्तर छिबरामऊ
छिबरामऊ । जनपद कन्नौज में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ सत्ताधारी दल की नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य पर उनके ही सगे पिता के अपहरण का आरोप लगा है। यह आरोप उनके फुफेरे भाई रामकिशोर ने लगाया है, जिसके बाद जिले की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
मामले की जड़ें करीब 14 साल पुरानी हैं। रिटायर्ड शिक्षक रामप्रकाश शाक्य (जो अब नेत्रहीन हैं) के अनुसार, उनकी पुत्री प्रिया शाक्य ने करीब 14-15 साल पहले उनकी मर्जी के खिलाफ ओमकार शाक्य से प्रेम विवाह किया था। तभी से पिता ने अपनी बेटी से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे।
रामप्रकाश का आरोप है कि उनके दामाद ओमकार ने उनकी पत्नी, पुत्र प्रबल और पुत्रवधू को अपने प्रभाव में ले रखा है। इसी घरेलू कलह और मारपीट के कारण रामप्रकाश अपना छिबरामऊ स्थित घर छोड़कर पिछले 13 वर्षों से अपने भांजे रामकिशोर के साथ ग्राम मढ़पुरा में रह रहे थे।
ताज़ा विवाद 5 अप्रैल 2026 को तब शुरू हुआ जब छिबरामऊ के कल्याणपुर गांव में आयोजित एक बौद्ध कथा में रामप्रकाश शाक्य को सम्मानित किया गया। मंच पर माइक संभालते ही वृद्ध पिता का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा मैं प्रिया शाक्य को अपनी बेटी नहीं मानता, उसने मुझ पर 5 मुकदमे कर रखे हैं जो हाईकोर्ट और लखनऊ बेंच में चल रहे हैं, मेरे परिवार ने मुझे खाना तक नहीं दिया और मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया, मेरी 80 लाख से ज्यादा की पेंशन और संपत्ति पर वे लोग कब्जा करना चाहते हैं।”
‘वीडियो वायरल’ होने के बाद कथित अपहरण
पिता द्वारा मंच से लगाए गए आरोपों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। रामकिशोर का आरोप है कि इसी बात से बौखलाकर 7 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12 बजे प्रिया शाक्य, उनके पति ओमकार और 10-12 अज्ञात लोग 4-5 गाड़ियों में भरकर मढ़पुरा गांव पहुंचे।
तहरीर में बताया गया कि आरोपी नेत्रहीन वृद्ध रामप्रकाश को जबरन खींचकर गाड़ी में डालकर ले गए, विरोध करने पर अभद्रता की गई और घर में अपना ताला लगा दिया।
रामकिशोर का दावा है कि जब उन्होंने मामा को फोन किया, तो दामाद ओमकार ने फोन रिसीव किया और बात कराने से साफ़ मना कर दिया।
प्रिया शाक्य ने बताया की ‘पिता बीमार थे’
मामला बढ़ता देख जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य ने अपनी माँ और भाई के साथ एक वीडियो बयान जारी किया है। उन्होंने अपहरण के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि उनके पिता बीमार हैं। एक बेटी होने के नाते वह अपने पति और परिजनों के साथ उन्हें लेने गई थीं ताकि उनका उचित इलाज और सेवा की जा सके। उन्होंने दावा किया कि “पिताजी पूरी तरह ठीक हैं और हमारे साथ हैं।
भांजे रामकिशोर ने एसपी कन्नौज (विनोद कुमार) को शिकायती पत्र सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। रामकिशोर का कहना है कि उन्हें डर है कि संपत्ति के लालच में उनके मामा की हत्या भी की जा सकती है। हालांकि, उनका दावा है कि पुलिस ने इसे ‘पारिवारिक मामला’ बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।











