इटावा इस्लामिया इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण का एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। यहाँ इंटरमीडिएट कॉपियों के मूल्यांकन में जुटे दो परीक्षकों—प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह और प्रवक्ता प्रतिभा—ने अपनी सेवानिवृत्ति के अंतिम सप्ताह में भी जिस तल्लीनता के साथ कार्य किया, उसने अनुशासन की एक नई इबारत लिख दी है। उनकी इस निष्ठा को देखते हुए उपनियंत्रक एवं प्रधानाचार्य गुफरान अहमद ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित कर उनकी सेवाओं की सराहना की।
सम्मान समारोह के दौरान उपनियंत्रक गुफरान अहमद ने बेहद मार्मिक शब्दों में कहा कि सेवाकाल के अंतिम पड़ाव पर भी मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरे कार्य को इतने मनोयोग से करना वाकई एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में ऐसी कार्यशैली न केवल सराहनीय है, बल्कि शिक्षा जगत से जुड़े हर व्यक्ति के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है। इस दौरान केंद्र पर मौजूद अन्य परीक्षकों ने भी दोनों वरिष्ठ साथियों का भावपूर्ण स्वागत किया, जिससे वातावरण अत्यंत हर्षोल्लासपूर्ण और गौरवमयी हो गया।
अचानक मिले इस सम्मान से दोनों परीक्षक भाव-विभोर नजर आए और उन्होंने केंद्र प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी अवसर पर सह उप नियंत्रक मुहम्मद जावेद खान सहित प्रधानाचार्य शिव शंकर त्रिपाठी, डॉ. उमेश यादव और शिक्षा जगत की अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने इस पल को यादगार बनाया।











