Explore

Search

March 2, 2026 3:41 am

इटावा की शान ‘जमुनापारी’ के संरक्षण को मिले नए पंख: 2 करोड़ की लागत से संवरेगा नस्ल सुधार केंद्र

इटावा अपनी खास कद-काठी और दुधारू गुणों के लिए दुनियाभर में मशहूर जमुनापारी बकरियों के सुनहरे दिन लौटने वाले हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जमुनापारी बकरी नस्ल संरक्षण एवं सुधार योजना 2024-25’ के तहत जिले में बड़े स्तर पर कायाकल्प का कार्य किया जा रहा है। लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से यूपी आरएन एसएस कंपनी द्वारा केंद्र को आधुनिक और सुविधाओं से लैस बनाया जा रहा है, जिससे न केवल इन बकरियों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी बल्कि उनकी संख्या में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।

​इटावा के जॉइंट डायरेक्टर भदावरी, डॉ. धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए बताया कि केंद्र में बकरियों के लिए दो नए अत्याधुनिक शेड और एक भव्य मीटिंग हॉल का निर्माण पूरा कर लिया गया है। पुरानी व्यवस्थाओं को सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत आठ पुराने बकरी शेडों का पूरी तरह से जीर्णोद्धार और मरम्मत कराई गई है। पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नए पंपिंग सेट के साथ-साथ दो पुराने पंपों को भी पुनर्जीवित किया गया है, जिससे बाड़ों और खेतों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, परिसर में जल निकासी के लिए नालों, शौचालयों और करीब 60 से 70 मीटर लंबे खड़ंजा मार्ग का निर्माण भी संपन्न हो चुका है।

​डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सरकारी आवासों के लिए अभी बजट प्रतीक्षित है, लेकिन मुख्य परियोजना का कार्य सरकार की नीतियों और निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ चल रहा है। तकनीकी बारीकियों की जांच के लिए जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम की रिपोर्ट में जो छोटी-मोटी खामियां पाई गई थीं, उन्हें भी पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया है। विभाग का मुख्य लक्ष्य अब जमुनापारी बकरियों की संख्या को पूर्व की तुलना में कई गुना बढ़ाना है, ताकि इटावा की इस पहचान को वैश्विक पटल पर और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

Live Tv
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर