इटावा परिवहन विभाग ने हल्के व्यावसायिक वाहनों के मालिकों को एक बड़ी राहत देते हुए ‘एकबारीय कर’ (One-Time Tax) जमा करने के लिए बेहद आकर्षक योजना पेश की है। एआरटीओ प्रदीप कुमार ने इस संबंध में वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे सरकारी कार्रवाई और कानूनी उलझनों से बचने के लिए इस योजना का तत्काल लाभ उठाएं। विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य वाहन स्वामियों को पुराने बकाया और बार-बार टैक्स जमा करने की झंझट से मुक्ति दिलाना है।
इस नई व्यवस्था के तहत विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए कर की दरें निर्धारित कर दी गई हैं। यदि आप दोपहिया बाइक टैक्सी संचालित करते हैं, तो वाहन के मूल्य का मात्र 12.5% जमा कर टैक्स से निश्चिंत हो सकते हैं। तिपहिया ऑटो रिक्शा के लिए यह दर और भी कम यानी केवल 7% रखी गई है। वहीं, 10 लाख रुपये तक के मोटर कैब और मैक्सी कैब (तिपहिया को छोड़कर) के लिए वाहन मूल्य का 12.5% देय होगा। विशेष प्रयोजन वाहनों और निर्माण कार्य में प्रयुक्त यानों के लिए कर की दर 6% निर्धारित की गई है, जबकि 3000 किलोग्राम तक के मालवाहक वाहनों को केवल 3% टैक्स देकर अपना पंजीकरण वैध रखना होगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो वाहन पहले से पंजीकृत हैं, उन्हें पुराने बकाया की गणना के आधार पर प्रति वर्ष 8% की शानदार छूट भी दी जा रही है। यह छूट अधिकतम 75% तक हो सकती है, जो पुराने वाहन स्वामियों के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है। एआरटीओ ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि जो स्वामी इस छूट का लाभ उठाकर समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ वसूली पत्र (RC) जारी किया जाएगा। ऐसी स्थिति में विभाग वाहनों को थाने में सीज कर उनकी नीलामी के जरिए टैक्स वसूलने की सख्त कार्रवाई भी कर सकता है। अतः भविष्य की परेशानियों से बचने और इस भारी बचत का फायदा उठाने के लिए आज ही अपना बकाया टैक्स जमा करें।









