इटावा शहर के हृदय स्थल तलैया मैदान में इस वर्ष भी भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। सामाजिक एवं मानव सेवा समिति (रजि.) के तत्वावधान में दशकों से चली आ रही परंपरा को जीवंत रखते हुए संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष और जुझारू समाजसेवी सभासद सौम्य वर्मा ‘तरुन’ ने होलिका दहन के लिए लकड़ियों और भारी गांठों का प्रबंध करवा दिया है। तलैया मैदान की यह होलिका न केवल शहर की सबसे विशाल होलिका मानी जाती है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
यहाँ की खासियत यह है कि स्थानीय लोग आज भी अपने पूर्वजों की रीतियों को संजोए हुए हैं, जहाँ होलिका दहन के समय पारंपरिक लोकगीतों और फाग (चौपाई) की गूँज सुनाई देती है। इस भव्य आयोजन में करीब 3 से 4 हजार महिला-पुरुष एकत्रित होकर गन्ने भूनते हैं और उत्सव का आनंद लेते हैं। इसी बीच संस्था के सदस्य केतन वर्मा ने आम जनमानस से एक सार्थक अपील की है कि स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए रसायनों वाले पक्के रंगों का त्याग करें और केवल मखमली गुलाल से प्रेम की होली खेलें। इस पुनीत कार्य के दौरान संस्था के तमाम उत्साही साथी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस सामुदायिक उत्सव को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।









