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November 2, 2026 3:49 am

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

एक्सप्रेस-वे पर काल बनी ‘ओवरलोड’ बस: बिहार की स्लीपर बस पलटने से 40 यात्री घायल, मची चीख-पुकार

छिबरामऊ/ सौरिख :आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार और लापरवाही का एक और भयानक मंजर देखने को मिला। बिहार की ‘अशोका ट्रैवल एजेंसी’ की एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के वक्त बस में क्षमता से कहीं अधिक 80 से ज्यादा यात्री सवार थे, जिनमें से लगभग 40 लोग घायल हो गए हैं। प्रशासन ने तत्काल 12 एम्बुलेंस लगाकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे की सूचना मिलते ही एक्सप्रेस-वे पर हड़कंप मच गया। यूपीडा और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को बस से बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए सौरिख सीएचसी, तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज, छिबरामऊ के 100 शैय्या अस्पताल और इटावा के सैफई मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिकांश यात्रियों के सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
हादसे की मुख्य वजह ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार मानी जा रही है। बस की बैठने की क्षमता मात्र 56 सवारियों की थी, लेकिन ट्रैवल एजेंसी ने नियमों को ताक पर रखकर 80 से अधिक लोग बैठा रखे थे। यात्रियों का आरोप है कि रात के समय एक्सप्रेस-वे पर बसों की नियमित चेकिंग न होने का फायदा उठाकर बस संचालक जान जोखिम में डालकर ओवरलोडिंग करते हैं।
बस में सवार बिहार निवासी घायल यात्री प्रवीण कुमार ने बताया कि सुबह के समय अचानक बस एक तेज झटके के साथ मुड़ी और पलट गई। आशंका जताई जा रही है कि ड्राइवर को झपकी आने की वजह से बस से नियंत्रण खो गया। हादसे के तुरंत बाद चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
हादसे का शिकार हुए यात्री बिहार के दरभंगा, वैशाली, मधुबनी, गोपालगंज और मोतिहारी जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस ने घायलों का विवरण जुटाकर उनके परिजनों को सूचित कर दिया है। जिन यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दूसरी बसों से रवाना कर दिया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बस के दस्तावेजों और ओवरलोडिंग के पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि लापरवाही और क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की पुष्टि होने पर अशोका ट्रैवल एजेंसी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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