बिशुनगढ़, कन्नौज:बिशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरागढ़ में पिछले दो दशकों से चला आ रहा एक पुराना नाली विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। वर्षों से स्थानीय स्तर पर तनाव और सिरदर्द बने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर पैमाइश की कार्रवाई पूरी की।
उपजिलाधिकारी ज्ञानेंद्र द्विवेदी के कड़े निर्देशों के बाद राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम गांव पहुंची। इस विवाद के समाधान के लिए प्रशासन ने भारी-भरकम टीम का गठन किया था, ताकि सीमांकन में किसी भी प्रकार की त्रुटि या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
पैमाइश टीम में मुख्य अधिकारी शामिल रहे कानूनगो आस्तोष चौहान, कौशलेंद्र दुबे, संजीव वीरभान,लेखपाल आज्ञा राजपूत, राघवेंद्र।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ सीमांकन
चूंकि मामला 20 साल पुराना था और ग्रामीणों के बीच संवेदनाएं जुड़ी थीं, इसलिए कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बिशुनगढ़ थाने के उपनिरीक्षक अश्वनी तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। पुलिस की मौजूदगी के कारण पैमाइश की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और दोनों पक्षों ने अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी।
राजस्व टीम ने विवादित भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया। सरकारी अभिलेखों के आधार पर नाली की वास्तविक स्थिति का सीमांकन किया गया। टीम ने मौके पर ही पिलर और निशानी लगाकर नाली के बहाव और चौड़ाई को स्पष्ट किया।









