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November 2, 2026 2:54 am

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

20 साल पुराना नाली विवाद सुलझने की ओर, SDM के निर्देश पर हुई पैमाइश

बिशुनगढ़, कन्नौज:बिशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरागढ़ में पिछले दो दशकों से चला आ रहा एक पुराना नाली विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। वर्षों से स्थानीय स्तर पर तनाव और सिरदर्द बने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर पैमाइश की कार्रवाई पूरी की।

उपजिलाधिकारी ज्ञानेंद्र द्विवेदी के कड़े निर्देशों के बाद राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम गांव पहुंची। इस विवाद के समाधान के लिए प्रशासन ने भारी-भरकम टीम का गठन किया था, ताकि सीमांकन में किसी भी प्रकार की त्रुटि या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

पैमाइश टीम में मुख्य अधिकारी शामिल रहे कानूनगो आस्तोष चौहान, कौशलेंद्र दुबे, संजीव वीरभान,लेखपाल आज्ञा राजपूत, राघवेंद्र।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ सीमांकन

चूंकि मामला 20 साल पुराना था और ग्रामीणों के बीच संवेदनाएं जुड़ी थीं, इसलिए कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बिशुनगढ़ थाने के उपनिरीक्षक अश्वनी तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। पुलिस की मौजूदगी के कारण पैमाइश की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और दोनों पक्षों ने अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी।

राजस्व टीम ने विवादित भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया। सरकारी अभिलेखों के आधार पर नाली की वास्तविक स्थिति का सीमांकन किया गया। टीम ने मौके पर ही पिलर और निशानी लगाकर नाली के बहाव और चौड़ाई को स्पष्ट किया।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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