इटावा। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती (किसान दिवस) के अवसर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के इटावा जिला कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला अध्यक्ष बबलू ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर किसान विरोधी नीतियों का आरोप लगाया।
किसानों पर मुसीबतों का पहाड़: बबलू
श्रीबबलू ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से किसानों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। बढ़ती महंगाई से फसल उत्पादन की लागत बढ़ रही है, लेकिन सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने को तैयार नहीं है। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए सैकड़ों किसानों को याद करते हुए कहा कि सरकार का रवैया किसानों की मांगों के प्रति “संवेदनशून्य” रहा है। उन्होंने खाद की अनुपलब्धता, बाधित विद्युत आपूर्ति और किसानों की जमीन के अल्प मुआवजे पर अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव का नेतृत्व और चौधरी साहब का रास्ता
सपाजिला अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का मानना है कि चौधरी साहब कृषि और उद्योग को एक-दूसरे का पूरक मानते थे। चौधरी चरण सिंह ने केंद्र में वित्त मंत्री रहते हुए बजट का 70 प्रतिशत हिस्सा गांव, गरीब और खेती के लिए रखा था। श्री बबलू ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा हमेशा से चौधरी चरण सिंह के रास्ते पर चलती आई है। उनकी कृषि नीति से ही देश की आर्थिक तरक्की होगी और किसान खुशहाल होंगे। उन्होंने सभी से ‘किसानों के मसीहा’ चौधरी चरण सिंह के विचारों पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मौजूद रहे प्रमुख
इस विचार गोष्ठीमें वरिष्ठ नेता लाखन सिंह जाटव, पूर्व प्रत्याशी सर्वेश शाक्य, उदयभान सिंह यादव, जिला उपाध्यक्ष उत्तम सिंह प्रजापति, आशीष राजपूत, विद्याराम यादव, सपा प्रवक्ता विक्की गुप्ता, इटावा विधानसभा अध्यक्ष उमेश राजपूत ‘डुल्ले’, पूर्व नगर अध्यक्ष नफीसुल हसन अंसारी, लोहिया वाहिनी जिला अध्यक्ष किशन यादव, प्रदेश कार्य समिति सदस्य कमलेश यादव सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









