इटावा 23 मई। बंगाली कालौनी की झुग्गी झोपडियों पर बुलडोजर की नगर पालिका की धमकी से त्रस्त वहां के गरीब पत्थरकटा स्त्री-पुरूष वर्षों के वाशिंदे जिलाधिकारी से झुग्गी झोपडियों को बचाने की गुहार लेकर पहुंचे और पक्षपात को रोकने व न्याय की मांग की। जिलाधिकारी ने जांच कराकर न्याय का भरोसा दिया।
जिलाधिकारी को दिये प्रार्थनापत्र में बताया गया कि बंगाली कालौनी भारत सरकार के स्वामित्व की है, देश के बंटवारे के समय रिफ्यूजियों के लिये बनायी गयी थी। राजस्व रिकार्ड में इसका रकवा दर्ज है, किंतु कुछ लोगो ने काफी जगह हथिया ली है। शहर के बीच में बेशकीमती कालौनी की भूमि पर कछ लोगो की निगाहें हैं, वह तथ्यों को छुपाकर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। यदि बंगाली कालौनी के मूल रकवे की जांच करा दी जाये, तो सारी सच्चाई सामने आ जायेगी।
ज्ञापन देने बालों में माकपा नेता अमर सिंह शाक्य, प्रेमशंकर यादव तथा बंगाली कालौनी के राजाबाबू, सर्वेश, गोपी, सुनील कुमार, श्रीमती सरवती, श्रीमती सपना सहित दर्जनो स्त्री-पुरूष बच्चे शामिल थे।











