विश्व कछुआ दिवस 2025 के अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग इटावा, जिला गंगा सुरक्षा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति इटावा के संयुक्त तत्वाधान में राजकीय इंटर कॉलेज इटावा में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया गोष्ठी का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने किया । उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि कछुये मानव के लिए प्रकृति प्रदत्त विशेष उपहार है जो प्राकृतिक जल स्रोतों को स्वच्छ रखने में एक महत्वपूर्ण दायित्व अदा करता है सैकड़ो वर्ष जीने वाला यह जीव आज के युग में संकट में आ गया है इसके संरक्षण के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा l
मुख्य वक्ता स्कॉन महासचिव डॉ राजीव चौहान ने बताया कि कछुओं की प्रजाति लगभग 200 मिलियन वर्ष पूर्व से पृथ्वी पर पाई जाती है इन्हें विश्व की सबसे पुरानी जीवित प्रजातियों में से एक माना जाता है भारत में 29 प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें से पांच समुद्री कछुए हैं इटावा जनपद में इनकी लगभग 10 प्रजातियां मिलती हैं जिनमें से सात प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अधीन संरक्षित प्रजातियों में दर्ज है l
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.राजेश कुमार ने कहा कि विश्व कछुआ दिवस प्रत्येक वर्ष 23 मई को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य लोगों का ध्यान कछुओं की तरफ आकर्षित करने और उन्हें बचाने के लिए किए जाने वाले मानवीय प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
प्रधानाचार्य डॉ. दीपक सक्सेना ने कहा कि कछुए नदियों के जल को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है। कछुए जहाँ एक ओर सड़ी-गली लाशो को खाकर खत्म करते है। वही दूसरी ओर पानी मे पैदा होने वाले हरित शैवाल को खाकर नदियों के जल के प्रदूषण को कम कर देते है।
इस अवसर पर डीपीओ नमामि गंगे संजीव चौहान, जेआरएफ डॉ संगीता एवं पर्यावरणविद् संजय सक्सेना ने भी अपने विचार व्यक्त किये और कछुआ संरक्षण के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वन दरोगा सुनील कुमार,रविंद्र मिश्रा,सुरेश कुमार ,अनुज तिवारी एवं समस्त अध्यापकगढ़ का उल्लेखनीय योगदान रहा।











